Varanasi Dalmandi Project: मंगलवार को वाराणसी के बेहद व्यस्त और चर्चित दालमंडी बाजार में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। पहली बार ऐसा हुआ जब एक ही दिन में छह मकानों पर ध्वस्तीकरण किया गया। इस दौरान एक दृश्य खास तौर पर चर्चा में रहा जब आमने-सामने खड़े दो मकानों पर एक साथ प्रशासन का हथौड़ा चला। पूरे इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था रही और कार्रवाई के दौरान बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
भारी पुलिस बल और ड्रोन से निगरानी (Varanasi Dalmandi Project)
ध्वस्तीकरण के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 400 पुलिसकर्मी, पैरामिलिट्री फोर्स और ड्रोन कैमरों की मदद से इलाके पर पैनी नजर रखी गई। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले पूरे क्षेत्र को घेर लिया था और आम लोगों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लिया गया।
अब तक 25 मकानों की रजिस्ट्री, मुआवजा भी दिया गया
मौके पर मौजूद एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने जानकारी दी कि दालमंडी क्षेत्र में अब तक 25 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और संबंधित लोगों को उचित मुआवजा भी दिया जा चुका है। उन्हीं रजिस्टर्ड संपत्तियों पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को जिन छह मकानों को गिराया गया, वे सभी इस प्रक्रिया का हिस्सा थे।
काशी विश्वनाथ धाम से जुड़े विकास की कड़ी
प्रशासन का साफ कहना है कि दालमंडी में चल रहा यह अभियान काशी विश्वनाथ धाम विकास परियोजना से जुड़ा है। योजना के तहत दालमंडी बाजार से होकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक एक चौड़ा और सुगम मार्ग तैयार किया जाना है, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में सहूलियत मिले। अधिकारियों के मुताबिक, चौड़ीकरण से न सिर्फ तीर्थयात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।
बुधवार को भी जारी रही तोड़फोड़
मंगलवार के बाद बुधवार को भी कार्रवाई जारी रही। सुबह करीब दस बजे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दालमंडी पहुंचे और पहले से चिन्हित रजिस्टर्ड संपत्तियों पर काम शुरू किया। सीके 43/142 नंबर के भवन पर सबसे पहले हथौड़ा चला। सुरक्षा कारणों से रास्ते बंद किए गए और आम लोगों को इलाके से दूर रखा गया।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों की चिंता
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई लोगों ने दबी जुबान में प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए। वहीं, व्यापारियों ने चिंता जताई कि इस तरह की तोड़फोड़ से उनका कारोबार प्रभावित होगा और कई परिवारों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि दालमंडी जैसे पुराने बाजार में बदलाव आसान नहीं है।
प्रशासन का भरोसा: सब कुछ कानून के दायरे में
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के तहत की जा रही है। प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जा रहा है और उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान का भरोसा भी दिया गया है।





























