Mini punjab in Italy: यूनाइडेट किंगडम में सिखों का आबादी की कहानी करीब 150 सालों से भी पुरानी है, जिसमें ब्रिटेन सिखों का सबसे बड़ा गढ़ है, लेकिन सिखों की मूल पहचान जिससे है… वो है खेती बाड़ी, दूध उत्पादन… जिसे पंजाब के बाद अगर कहीं के सिखों ने जीवंत रखा है तो वो है ईटली में रहने वाले सिखों ने। आपको जानकर हैरानी होगी कि ब्रिटेन के बाद ईटली ही वो देश है जो कि पूरे यूके में सबसे ज्यादा सिखों का निवास है। ईटली, जो कि पूरी दुनिया में सबसे खूबसूरत देश माना जाता है, वहां की संपन्नता में वहां के सिखों का योगदान अतुल्नीय है। रेजियो एमिलिया में स्थित नोवेल्लारा शहर सिखों की सबसे ज्यादा आबादी वाला क्षेत्र कहलाता है, जिसे वहां ईटली का मिनी पंजाब कहा जाता है। अपने इस वीडियो में हम ईटली के इस खूबसूरत मिनी पंजाब के बारे में जानेंगे। कैसे बसे यहां पर सिख..और कैसे बना इटली का ये मिनी पंजाब।
इटली का मिनी पंजाब
इटली असल में दक्षिण यूरोप का एक घनी आबादी वाला देश है, जो कि तुरीय काल में एक समुद्र का हिस्सा था, लेकिन धीरे धीरे समुद्र से लाई मिट्टी यहां जमा होने लगी और ये एक देश बना। इटली का आधिकारिक नाम इतालवी गणराज्य है। वैसे तो ये एक कैथेलिक देश है लेकिन पूरे यूरोप में इटली दूसरा ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा सिख भी निवास करते है। आकड़े बताते है कि पूरे इटली में करीब 220000 सिख रहते है लेकिन इसमें सबसे ज्यादा घनी आबादी मौजूद है नोवेल्लारा शहर में.. रिपोर्ट्स की माने तो यहां करीब 70000 सिख रहा करते है, जो पहली बार 1980 के दशक में यहां कर बसे थे। ज्यादा तर सिख य़ूरोप के ही दूसरे इलाकों से बेहतर काम और अवसर की तलाश में आये थे, और यहां रह कर सिखों ने अपने मूल कार्य खेती, दूध उत्पादन, पशु पालन से जुड़ गए। मौजूदा समय में इटली के सिख प्रवासी समुदाय यहां की डेयरी उद्योग के रीढ़ माने जाते हैं, जो पार्मेज़ान और ग्राना पडानो चीज़ के उत्पादन में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
सिख गुरुओ से नाता
इटली का और सिखों का रिश्ता काफी पुराना है, रिपोर्ट्स की माने तो दसम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी को जब मुगलो ने चाकू मारा था जब लाहौर में प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टर निकोलाओ मनुची, जो कि इटली के वेनिस शहर से थे, उन्होंने ही ईलाज किया था, इस कारण इटली को लेकर सिखों के मन में अलग ही सम्मान है। वहीं महाराजा रणजीत सिंह जी के दरबार में भी इटैलियन जनरल जीन-बैप्टिस्ट वेंचुरा और जनरल पाओलो क्रेसेंजो अविटेबिल का काफी सम्मान होता था, उन्होंने साम्राज्य के प्रशासन, सेना और सांस्कृतिक पहलुओं में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं सिखो का खालसा सेना को मजबूत करने और उन्हें आधुनिकता के साथ चलने के लिए इटली की सेना ने प्रशिक्षण दिया, जिससे सिख सेना की एफिशिएंसी और असरदारता बढ़ी।
इटली में कैसे आए सिख
इटली में सिखों का आगमन असल में 1856 के आसपास हुआ था, जब महाराजा दलीप सिंह ने वहां यात्रा की थी, लेकिन 1918 में, पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह को इटली के ऑर्डर ऑफ द क्राउन से सम्मानित किया गया था, महाराजा ने भी उदारता दिखाई और इटली के रोम इलाके में सिखों को स्थापित करने के लिए दान किया था। लेकिन दूसरे विश्व युद्ध में सिखों ने ईटली की आजादी के लिए लड़ाई लड़ा और इसके बाद सिखों ने इटली में रहने का फैसला किया। इस दौरान ज्यादातर सिख पो घाटी के पास स्थित उत्तरी इटली, विशेष रूप से लोम्बार्डी और एमिलिया-रोमाग्ना क्षेत्रों में रहने लगे, जिसमें खासकर नोवेल्लारा और क्रेमोना ऐसे इलाके हुए जहां सिखों ने अपनी आबादी बसाई।
उत्पादन और व्यापार में बेहतर अवसर
खासकर 1980 के बाद दुग्ध उत्पादन और व्यापार में बेहतर अवसर देखते हुए सिखों की संख्या तेजी से बढ़ी.. जो काम वहां से स्थानिय लोग हीम भावना से देखते थे, उसे सिखों ने पूरी शान से करना स्वीकार किया, जिसमेंन पशु पालन और दूध उत्पादन मुख्य था। जिससे कारण सिख डेयरी व्यापार में यहां की रीढ़ बन गए। सिखों ने अपने प्रवास के दौरान अपनी संस्कृति और परंपरा के साथ कोई समझैता नहीं किया.. उन्हें पता था कि वो यहां लंबे समय तक रहेंगे इस लिए नोवेल्लारा के सिखों ने ईटली का पहला सिख गुरुद्वारा बनवाया था, जो कि केवल ईटली का ही नहीं बल्कि पूरे यूरोप के सबसे बड़े गुरुद्वारों में से एक है।
इटली के अलग अलग क्षेत्रों में सिख
जिसे गुरुद्वारा सिंह सभा के नाम से जाना जाता है। इस गुरुद्वारे में विशेष रूप से दीक्षा दी जाती है, अमृत संचार समारोह किय. जाता है, और बड़े स्तर पर नगर कीर्तन किया जाता है, जहां इटली के अलग अलग क्षेत्रों से सिखों जमा होते है। सामुदायिक लंगर, दैनिक दीवान, गुरबाणी कीर्तन, और गुरू पर्व का आयोजन किया जाता है, जो कि यहां रहने वाले सिखों के प्रभाव को दर्शाता है। नोवेल्लारा में सिख एक प्रभावशाली और संगठित समुदाय है, जो सिक्खी की परंपरा और संस्कृति को बनाये रखते है। अपने धर्म के प्रति सिखों का निष्ठा आपको इटली के सिखों मेंम नजर आती है। ईटली के इस मिनी पंजाब की कहानी आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बतायें।





























