Flight Lieutenant Akshita Dhankar: दिल्ली के कर्तव्य पथ पर इस बार गणतंत्र दिवस का नजारा खास होने वाला है। 77वें गणतंत्र दिवस पर भारतीय वायुसेना की युवा अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहयोग करेंगी। यह मौका इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार कोई महिला एयरफोर्स अधिकारी राष्ट्रपति के साथ ध्वजारोहण समारोह का हिस्सा बनेगी। इस जानकारी को भारतीय वायुसेना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए साझा किया है।
कर्तव्य पथ पर होगा ऐतिहासिक पल (Flight Lieutenant Akshita Dhankar)
राष्ट्रीय ध्वज फहराने का यह समारोह गणतंत्र दिवस परेड से पहले कर्तव्य पथ पर आयोजित होता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य रूप से ध्वजारोहण करेंगी, जबकि फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनकर उनके साथ मंच पर मौजूद रहकर इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगी। वायुसेना के अधिकारियों के मुताबिक, यह जिम्मेदारी न सिर्फ सम्मान की बात है, बल्कि यह देश की बेटियों के लिए एक मजबूत संदेश भी देती है।
महिला अग्निवीरों की भी ऐतिहासिक भागीदारी
इस बार की परेड में महिला सशक्तिकरण की झलक और भी साफ नजर आएगी। भारतीय वायुसेना के इतिहास में पहली बार आईएएफ बैंड में नौ महिला अग्निवीर मार्च करती दिखेंगी। वायु मुख्यालय के समारोह निदेशालय के एयर कमोडोर इमरान एच. जैदी ने बताया कि 75 सदस्यीय बैंड में 66 अन्य अग्निवीरों के साथ ये नौ महिलाएं शामिल होंगी। यह बदलाव वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
कड़ी मेहनत और सुबह 4 बजे की प्रैक्टिस
अपको बता दें, गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियां आसान नहीं होतीं। भारतीय वायुसेना की 144 सदस्यीय मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जगदीश कुमार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरी टीम दिल्ली की कड़ाके की ठंड में सुबह 4 बजे से अभ्यास कर रही है, ताकि परेड के दौरान एक भी कदम ताल से बाहर न हो। हर मूवमेंट को परफेक्ट बनाने के लिए कई हफ्तों तक लगातार रिहर्सल चली है।
बैंड की युवा अग्निवीरों का उत्साह
आईएएफ बैंड में शामिल मथुरा की 19 वर्षीय अग्निवीर सुरभि शर्मा ने कहा कि इस प्रतिष्ठित मंच पर सैक्सोफोन बजाना उनके लिए जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी परेड का हिस्सा बनना हर युवा के लिए गर्व की बात होती है।
29 विमानों का भव्य फ्लाईपास्ट
परेड के दौरान आसमान में भी भारतीय वायुसेना की ताकत देखने को मिलेगी। इस बार 29 विमानों का फ्लाईपास्ट होगा, जिसमें 16 फाइटर जेट और 9 हेलीकॉप्टर शामिल रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल मई में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को दिखाने के लिए एक खास ‘स्पीयरहेड फॉर्मेशन’ भी पेश किया जाएगा। इस साल की परेड की थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर आधारित है।
अक्षिता धनकर ने क्या कहा?
इस ऐतिहासिक मौके को लेकर फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनकर ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “इस गणतंत्र दिवस पर मुझे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय झंडा फहराने का मौका मिला है। यह बहुत अच्छा एहसास है। मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हम दो महीने से ज़्यादा समय से प्रैक्टिस कर रहे हैं। प्रैक्टिस बहुत कड़ी रही है। हम सुबह जल्दी उठते थे। हम देर से घर जाते थे। मुझे लगता है कि आखिर में यह सब इसके लायक है। मुझे लगता है कि सशस्त्र बल इसी के लिए जाने जाते हैं – हिम्मत, एकता और पक्का इरादा…”
कौन हैं फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनकर?
खबरों की मानें तो, फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनकर भारतीय वायुसेना की एडमिनिस्ट्रेटिव ब्रांच की अधिकारी हैं। उन्होंने 17 जून 2023 को वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। वे 211 SSC (W) G कोर्स का हिस्सा रहीं और उनकी उम्र करीब 21 साल है। अक्षिता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। कॉलेज के दिनों में वे NCC कैडेट भी रही हैं और वहीं से प्रेरित होकर उन्होंने AFCAT क्लियर किया।





























