Bhopal Slaughter House: राजधानी भोपाल में गोमांस की तस्करी और गोकशी का मामला फिर से सुर्खियों में है। नगर निगम के नव-निर्मित, अत्याधुनिक और 35 करोड़ रुपए की लागत से बने स्लॉटर हाउस की गाड़ी से जब्त हुए 26 टन मांस में लैब जांच में गोमांस की पुष्टि हो चुकी है। इस खुलासे के बाद प्रशासन और विपक्ष दोनों में हड़कंप मच गया है। कांग्रेस और हिंदू संगठनों ने मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
स्लॉटर हाउस का पहला महीना ही विवादों में (Bhopal Slaughter House)
जिंसी इलाके में हाल ही में शुरू हुए इस स्लॉटर हाउस का संचालन ‘लाइव स्टॉक फूड प्रोसेसर प्रा. लि.’ के संचालक असलम कुरैशी कर रहे थे। गोमांस की पुष्टि होते ही असलम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और स्लॉटर हाउस को तत्काल सील कर दिया गया। हालांकि, अभी तक किसी बड़े अधिकारी या महापौर की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस का ‘बुलडोजर’ अल्टीमेटम
कांग्रेस प्रदेश महामंत्री अमित शर्मा ने निगम और सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने पूछा, “भोपाल में बीजेपी सरकार के शासन में सरेआम गोमांस कैसे बिक रहा है और विदेश भेजा जा रहा है? ठेकेदार को टेंडर किसने दिलाया और इसमें कौन-कौन नेता शामिल हैं?”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ठेकेदार के घर और स्लॉटर हाउस पर बुलडोजर नहीं चला, तो कांग्रेसी खुद मुख्यमंत्री और महापौर निवास का घेराव करेंगे।
हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि गो तस्करी और गोकशी के मामलों में दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इसमें शामिल अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कैसे पकड़ा गया 26 टन गोमांस
17 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों ने भोपाल पुलिस मुख्यालय के सामने एक ट्रक पकड़ा। आरोप था कि इसमें गोमांस ले जाया जा रहा था। पुलिस मौके पर पहुंची और ड्राइवर नवेद को गिरफ्तार किया। मांस को जांच के लिए राज्य पशु चिकित्सालय, जहांगीराबाद भेजा गया। लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि ट्रक में 26 टन गोमांस था।
पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो देखा कि पैकेटों में मांस को बकायदा क्यूआर कोड और स्पेशल टैग के साथ पैक किया गया था। संस्कृति बचाओ मंच और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि भोपाल स्लॉटर हाउस से यह गोमांस अन्य प्रदेशों और विदेशों में भेजा जा रहा था।
स्लॉटर हाउस सील, कानूनी कार्रवाई की तैयारी
शहर वृत्त के एसडीएम दीपक पांडे ने कहा, “गोमांस की पुष्टि होने के बाद स्लॉटर हाउस को सील कर दिया गया है। लाइसेंस की शर्तों की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने और संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस भी पशु क्रूरता अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी में है।”
हिंदू संगठनों का विरोध और कमिश्नर कार्यालय का घेराव
जांच रिपोर्ट में 26 टन गोमांस की पुष्टि के बाद हिंदू संगठनों में गुस्सा भड़क गया। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
विश्व हिंदू परिषद के जीतेंद्र सिंह चौहान ने कहा, “गोमाता के सम्मान में सभी हिंदू संगठनों ने सामूहिक रूप से प्रदर्शन किया। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए।”
बजरंग दल ने आरोप लगाया कि नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने मामले की स्वतंत्र और पूरी जांच की मांग की और कहा कि सभी पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
भोपाल में पिछले 8 महीनों की गोकशी की घटनाएं
भोपाल में बीते आठ महीनों में कम से कम 14 घटनाएं हुईं, जिनमें गोवंश की हत्या और अवशेष पाए जाने की घटनाएं शामिल हैं:
- 8 मई 2025: थाना निशातपुरा, सब्जी मंडी करोंद में गोमाता के अवशेष।
- 16 मई और 27 जून 2025: पलाशी रोड शिव मंदिर और हाउसिंग बोर्ड चौकी के पास अवशेष।
- थाना सूखी सेवनिया: कार में 4 गोवंश का मांस पकड़ा गया।
- 4 अक्टूबर 2025: थाना हबीबगंज में 6 कटे हुए गौवंश।
- 6 अक्टूबर 2025: थाना परवलिया में लाल कार में एक गाय।
- 18 अगस्त 2025: थाना ऐशबाग, डेयरी में 10 कटे गौवंश।
- थाना इटखेड़ी: अमूल दूध गाड़ी में 6 गौवंश, जिनमें 2 मृत।
- 11 नवंबर 2025: बोलेरो पिकअप से 8 गौवंश बरामद।
- थाना दोराहा: 29 गौवंश अमानवीय तरीके से ले जाए जा रहे, समय रहते बचाए गए।
- 25 दिसंबर 2025: थाना जहांगीराबाद, मैजिक वाहन में 6 कटे गौवंश, सुरक्षित बचाए गए।
- थाना गांधी नगर: एक गौवंश गोकशी से पहले पकड़ा गया।
- थाना गौतम नगर: 30 अक्टूबर 2025 को अवशेष।
- टीला थाना: 17 जुलाई 2025 को अवशेष।
- थाना छोला मंदिर: 26 दिसंबर 2025 को लाल कोठी के पास कटा सिर।
भोपाल में गोकशी और गोमांस तस्करी का यह मामला न सिर्फ प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है, बल्कि शहर में कानून और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। 35 करोड़ के स्लॉटर हाउस से गोमांस की सप्लाई, हिंदू संगठनों का विरोध और कांग्रेस का ‘बुलडोजर’ अल्टीमेटम इसे और संवेदनशील बना रहे हैं।






























