Education Loan kaise milta hai: आज के कॉम्पिटिटिव माहौल में कई बार बच्चों और उनके परिवारों के सामने मनपसंद कोर्स के लिए फाइनेंशल चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। चाहे भारत में इंजीनियरिंग, मेडिकल या मैनेजमेंट कोर्स हो या विदेश में पढ़ाई, इंस्टिट्यूट्स की फीस इतनी ज्यादा हो गई है कि मिडल क्लास परिवारों की बचत अक्सर कम पड़ जाती है। कई बार स्टूडेंट्स अपने सपनों को अधूरा छोड़कर मजबूरी में दूसरे कोर्सेस की तरफ जाने पर मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में एजुकेशन लोन उनके लिए एक वरदान साबित होता है।
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एजुकेशन लोन के लिए कौन कर सकता है अप्लाई? (Education Loan kaise milta hai)
एजुकेशन लोन के लिए वे छात्र अप्लाई कर सकते हैं, जिन्होंने किसी इंजीनियरिंग, मेडिकल या मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई कर लिया है। लोन पाने में अच्छे एकेडेमिक रिकॉर्ड का होना एक बड़ा प्लस प्वाइंट है। आमतौर पर, लोन के लिए आवेदन 7 से 30 दिनों के भीतर प्रोसेस हो जाते हैं। यदि आपने पहले ही सेमेस्टर की फीस भर दी है, तो उसे भी लोन में शामिल कराया जा सकता है।
मुख्य आवेदक स्टूडेंट होता है, जबकि को-एप्लिकेंट आमतौर पर पैरंट्स या गार्डियन होते हैं। बैंक को को-एप्लिकेंट की आर्थिक स्थिति भी जाँचनी होती है। इसके अलावा, कई राज्यों और केंद्र सरकार की तरफ से कुछ खास कैटेगरी के छात्रों को सब्सिडी भी मिलती है।
एजुकेशन लोन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
एजुकेशन लोन लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज़ों की जरूरत होती है, जिनमें शामिल हैं:
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट
- स्टूडेंट का KYC डॉक्यूमेंट
- बैंक पासबुक
- पहचान प्रमाण पत्र जैसे पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी
- एंट्रेंस एग्जाम रिजल्ट और उस कोर्स का प्रूफ
- पूरे कोर्स की फीस के लिए इंस्टिट्यूट का डॉक्यूमेंट
- यूनिवर्सिटी या कॉलेज की फीस और रेगुलेशंस बुकलेट
- स्टूडेंट और पैरंट्स दोनों के आधार कार्ड
- पैरंट्स के पिछले तीन साल के आईटी रिटर्न
इंस्टिट्यूट की कैटेगरी भी मायने रखती है
एजुकेशन लोन के मामले में जिस इंस्टिट्यूट में एडमिशन लिया जाता है, वह भी बहुत अहम होता है। टॉप इंस्टिट्यूट में एडमिशन लेने पर बैंक अक्सर बिना कोलैटरल और कम ब्याज दर पर लोन प्रोवाइड करते हैं। उदाहरण के तौर पर, SBI की ‘स्कॉलर लोन स्कीम’ में देश के 250 से अधिक टॉप इंस्टिट्यूट शामिल हैं। इन्हें तीन कैटेगरी में बांटा गया है:
- AA कैटेगरी: मुख्य रूप से IIMs जैसे IIM अहमदाबाद, IIM बेंगलुरु, IIM कलकत्ता, IIM लखनऊ आदि।
- A कैटेगरी: प्रमुख IITs और टॉप मेडिकल कॉलेज जैसे IIT मुंबई, दिल्ली, कानपुर, AIIMS दिल्ली, AFMC पुणे, CMC वेल्लोर।
- अन्य: BITS पिलानी, ISB हैदराबाद/मोहाली, प्रमुख NITs।
एजुकेशन लोन की राशि और खर्च
टॉप इंस्टिट्यूट्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए बैंक 40 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का लोन दे सकते हैं, वह भी बिना कोलैटरल। इन पर ब्याज दर 0.5% से 1% कम हो सकती है। एजुकेशन लोन सिर्फ ट्यूशन फीस तक ही सीमित नहीं है। इसमें शामिल खर्चे हैं:
- ट्यूशन और कॉलेज फीस
- हॉस्टल/मेस खर्च
- किताबें, लैपटॉप, उपकरण और लाइब्रेरी फीस
- विदेश में पढ़ाई करने पर हवाई टिकट और यात्रा खर्च
- स्टडी टूर, प्रोजेक्ट वर्क और थीसिस से जुड़े अन्य खर्च
ब्याज दरें और मोरिटोरियम पीरियड
एजुकेशन लोन की ब्याज दरें बैंक और लोन राशि के अनुसार 8% से 12% तक होती हैं। महिला छात्रों के लिए कई सरकारी बैंक 0.5% अतिरिक्त रियायत देते हैं। उदाहरण के तौर पर:
- SBI: 7.25% प्रति वर्ष से शुरू
- ICICI बैंक: लगभग 11.27%
- टाटा कैपिटल: 10.99%
- UCO बैंक: 7.50%
- IDFC फर्स्ट बैंक: 9.99%
एजुकेशन लोन का सबसे बड़ा फायदा है इसका मोरिटोरियम पीरियड, यानी कोर्स खत्म होने के बाद 6 महीने से 1 साल तक EMI शुरू नहीं करनी होती। यह छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने और नौकरी पाने के लिए समय देता है।
इसके अलावा, Income Tax Act की धारा 80E के तहत एजुकेशन लोन पर चुकाए गए ब्याज पर टैक्स कटौती का दावा किया जा सकता है।
आज के समय में एजुकेशन लोन सिर्फ पैसे का साधन नहीं बल्कि स्टूडेंट्स के सपनों को पूरा करने का पुल बन गया है। सही डॉक्यूमेंटेशन, टॉप इंस्टिट्यूट और बैंक की प्री-एप्रूवल लिस्ट के जरिए आप बिना भारी आर्थिक बोझ के अपने मनपसंद कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। यह मिडिल-क्लास परिवारों के लिए बिना किसी रुकावट के अपने बच्चों के टैलेंट और करियर को सपोर्ट करने का एक मौका है।
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