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Marriage in Kerala Hospital: शादी वाले दिन दुल्हन का एक्सीडेंट, दूल्हे ने निभाया वादा अस्पताल में हुई अनोखी शादी  

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 27 Nov 2025, 12:00 AM | Updated: 27 Nov 2025, 12:00 AM

Marriage in Kerala Hospital: केरल के कुमारकोम में 21 नवंबर 2025 की सुबह एक ऐसी घटना हुई, जिसने प्रेम और समर्पण की मिसाल पेश की। दुल्हन अवनि मेकअप कराने के लिए जा रही थीं, लेकिन रास्ते में उनकी कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। गंभीर चोट के कारण उन्हें पहले कोट्टायम मेडिकल कॉलेज और फिर कोच्चि के VPS लेकशोर अस्पताल में शिफ्ट किया गया। रीढ़ की हड्डी में चोट और दर्द के बावजूद, दूल्हा शेरॉन ने ठान लिया कि शादी तय मुहूर्त में ही होगी।

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मुहूर्त के लिए अस्पताल में लिया बड़ा फैसला (Marriage in Kerala Hospital)

शादी दोपहर 12:15 से 12:30 के शुभ मुहूर्त में होनी थी। दोनों परिवारों की महीनों की तैयारी खतरे में थी, लेकिन अस्पताल पहुंचे ही सभी ने तय किया कि “अवनि जहां है, वहीं शादी होगी।” डॉक्टरों, नर्सों और प्रशासन ने तुरंत इमरजेंसी वार्ड को मिनी-मंडप में बदल दिया। न्यूरोसर्जरी टीम से अनुमति लेकर शादी की रस्में शुरू की गईं।

स्ट्रेचर पर लेटी दुल्हन, हाथ में थामा दूल्हे का हाथ

अवनि स्ट्रेचर पर लेटी थीं और शेरॉन ने उनका हाथ थामे रखा। चारों ओर डॉक्टर, नर्सें और परिवार मौजूद थे। 12:15 बजे शेरॉन ने अवनि की मांग में सिंदूर भरा। डॉक्टर और रिश्तेदार इस शादी के गवाह बने। वार्ड में कुछ पल के लिए सन्नाटा रहा, फिर तालियों की गूंज ने माहौल को खुशी से भर दिया।

सोशल मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हो गया। X (Twitter) पर @rajini198080 ने लिखा, “वादा निभाया… अस्पताल में ही थाली बांध दी।” वीडियो को अब तक 1.5 लाख से ज्यादा व्यूज और 3.5 हजार से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं। लोगों ने इसे 2006 की फिल्म ‘विवाह’ से जोड़कर असली जिंदगी की प्रेरक कहानी बताया।

डॉक्टर बोले- हालत गंभीर, पर शादी का जज्बा अद्भुत

VPS लेकशोर अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग प्रमुख ने बताया कि अवनि की स्पाइनल इंजरी गंभीर है और जल्द ऑपरेशन की आवश्यकता है। इसके बावजूद शेरॉन ने शादी की पूरी रस्मों के दौरान उनका हाथ थामे रखा। अस्पताल स्टाफ ने न केवल चिकित्सकीय सहायता दी, बल्कि शादी की रस्मों में भी सहयोग किया।

प्रेम की जीत: कठिनाइयों में भी साथ निभाने का उदाहरण

शादी स्थल पर आए मेहमानों को वही खाना परोसा गया जो पहले तय था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि असली शादी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में होगी। लेकिन यही प्रेम का असली रूप है चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, सच्चा प्यार रास्ता खुद बना लेता है।

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