Arpita Thube Success Story: अर्पिता थुबे की संघर्षपूर्ण यात्रा! पहली बार प्रीलिम्स में असफल, फिर IPS से IAS तक का सफर

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 09 Jun 2025, 12:00 AM | Updated: 09 Jun 2025, 12:00 AM

Arpita Thube Success Story: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। यह परीक्षा हर साल लाखों युवाओं का सपना होती है, लेकिन कुछ ही लोग इसे पार कर पाते हैं। कई उम्मीदवार कठिनाईयों का सामना करके हार मान लेते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प से मिसाल कायम करते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है IAS अधिकारी अर्पिता थुबे की।

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अर्पिता का शुरुआती सफर- Arpita Thube Success Story

अर्पिता थुबे महाराष्ट्र के ठाणे शहर की रहने वाली हैं। उनका एकेडमिक रिकॉर्ड शुरू से ही शानदार था। उन्होंने सरदार पटेल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। अर्पिता के भीतर हमेशा से देश की सेवा करने की प्रबल इच्छा थी, और इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने UPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू की।

पहली असफलता और प्रेरणा

अर्पिता ने पहली बार 2019 में UPSC परीक्षा दी, लेकिन अफसोस की बात यह थी कि वह प्री एग्जाम पास नहीं कर पाईं। यह उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन अर्पिता ने हार मानने के बजाय इसे एक सीखने का अवसर मानते हुए अपनी तैयारी में और भी सुधार किया। उन्होंने खुद को मजबूत किया और 2020 में दोबारा परीक्षा में भाग लिया। इस बार उनकी मेहनत रंग लाई, और उन्होंने 383वीं रैंक हासिल की, जिसके बाद उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में नियुक्ति मिली।

हालांकि, अर्पिता का असली सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाने का था, और इसके लिए वह पूरी तरह से समर्पित थीं। उनका लक्ष्य अभी भी अधूरा था, और उन्होंने अपनी यात्रा जारी रखी।

दूसरी असफलता और संकल्प

अर्पिता ने 2021 में फिर से UPSC परीक्षा दी, लेकिन इस बार भी वह अपने लक्ष्य से चूक गईं। एक बार फिर उन्हें झटका लगा, लेकिन उनका मनोबल और संकल्प बिल्कुल अडिग रहा। अर्पिता ने खुद से वादा किया कि वह हार नहीं मानेंगी, और यह कि वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ेंगी।

चौथा प्रयास और सफलता की कहानी

अर्पिता के चौथे और अंतिम प्रयास में उन्होंने अपनी तैयारी पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने के लिए अपनी IPS ड्यूटी से ब्रेक लिया। यह उनका आखिरी मौका था, और उन्होंने इसे पूरी तरह से सही तरीके से इस्तेमाल किया। 2022 में, उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने उन्हें सफलता दिलाई। अर्पिता ने 214वीं रैंक प्राप्त की और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सफलता हासिल की।

युवाओं के लिए प्रेरणा

अर्पिता थुबे की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि असफलताएं केवल सीखने के अवसर होती हैं। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और हार मानने की बजाय अपने सपनों को हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अर्पिता ने यह दिखाया कि अगर आपके अंदर दृढ़ संकल्प, धैर्य और मेहनत हो, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। उनकी यात्रा सिर्फ सफलता तक नहीं सीमित है, बल्कि यह अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जरूरी लचीलापन और दृढ़ता की गहरी समझ को भी दर्शाती है।

अर्पिता थुबे की सफलता उन सभी के लिए एक प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार संघर्ष करते रहते हैं, चाहे रास्ते में कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएं।

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