5 Most Poisonous Fruits: फल और सब्जियां हमारी सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं, लेकिन भारत में कुछ ऐसे पौधे और फल हैं, जो खूबसूरत दिखने के बावजूद बेहद खतरनाक और जहरीले होते हैं। इनका गलती से सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं या यहां तक कि मौत का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं भारत में पाए जाने वाले ऐसे पांच जहरीले पौधों और फलों के बारे में।
धतूरा (Datura metel/stramonium)
धतूरा कांटेदार फल और सफेद-बैंगनी फूल वाला पौधा है। इसके बीज और पत्तियों में ट्रोपेन एल्कलॉइड्स जैसे स्कोपोलामाइन और हायोसायामाइन होते हैं। गलती से इसे खाने या चाय में मिलाकर देने पर हेलुसिनेशन, तेज बुखार, दिल की धड़कन तेज होना, बेहोशी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। भारत में पुराने समय से ही धतूरा को जहर और अफीम के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
सुसाइड ट्री (Cerbera odollam)
सुसाइड ट्री या पोंग-पोंग ट्री अपने जहरीले फलों के कारण सबसे ज्यादा जाना जाता है। केरल में यह पौधा प्लांट पॉइजनिंग के 50 प्रतिशत मामलों और कुल पॉइजनिंग के 10 प्रतिशत का जिम्मेदार माना जाता है। 1989 से 1999 के बीच सिर्फ केरल में इस पौधे से 537 मौतें दर्ज हुई थीं।
इसका फल आम या आड़ू जैसा दिखता है, लेकिन अंदर का बड़ा बीज सेरेब्रिन नामक कार्डियक ग्लाइकोसाइड से भरा होता है। एक ही बीज खाने से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, ब्रैडीकार्डिया हो सकता है और मौत तक हो सकती है। इसका स्वाद मसालों से छिपाया जा सकता है, इसलिए यह सुसाइड और हत्या दोनों में इस्तेमाल होता रहा है।
बिलावा या भिलावा (Semecarpus anacardium)
इसे जंगली काजू या मार्किंग नट भी कहा जाता है। इसका फल आम जैसा दिखता है, लेकिन इसमें काला तेल जैसा पदार्थ होता है जो त्वचा पर जलन और सूजन पैदा करता है। अगर इसे खाया जाए तो पेट में अल्सर और गंभीर जहर फैल सकता है। आयुर्वेद में शुद्ध रूप में इसका इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता है, लेकिन कच्चा फल बेहद खतरनाक होता है।
कनेर (Nerium oleander)
गुलाबी, सफेद या पीले फूल वाला यह पौधा भारत में बहुत आम है, लेकिन इसके पत्ते, फूल और छाल ओलियंड्रिन नामक कार्डियक ग्लाइकोसाइड से भरे होते हैं। एक पत्ता भी चबाने पर दिल की समस्या, उल्टी और मौत हो सकती है। हाल ही में केरल में एक महिला की मौत इसी कारण हुई थी। यह पौधा देखने में सुंदर है, लेकिन बच्चों और पालतू जानवरों के लिए बेहद खतरनाक है।
रत्ती या गुंजा (Abrus precatorius)
गुलाबी-लाल और काले चमकदार बीज जो मोतियों जैसे दिखाई देते हैं, इन्हें अक्सर जेवर बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इन बीजों में एब्रिन नामक जहर होता है, जो सांप के जहर से भी ज्यादा खतरनाक है। यदि बीज चबाए जाएं तो यह प्रोटीन संश्लेषण रोक देता है, कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और उल्टी, दस्त, लीवर और किडनी फेलियर तक का कारण बन सकता है। बच्चों और युवाओं में गलती से या सुसाइड के लिए इसके इस्तेमाल के कई मामले सामने आए हैं।






























