बौद्ध धर्म के 10 शील क्या हैं, जो जीवन को देते हैं नई दिशा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 29 Jul 2023, 12:00 AM | Updated: 29 Jul 2023, 12:00 AM

भारत देश में अलग-अलग धर्म के लोग रहते हैं. जहाँ यहाँ पर हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई जैसे धर्म के लोगे सबसे ज्यादा हैं तो वहीं इन धर्मों में एक और धर्म भी है जिसके फोल्ल्वेर्स और इस धर्म के संबंध रखने वाले लोग भारत में रहते हैं. कहा जाता है कि बौद्ध धर्म में महात्मा बुद्ध के उपदेश पर चलता है और ये धर्म में दुखों की मुक्ति व निर्वाण प्राप्ति का मार्ग बताने वाला धर्म है. जहाँ आज इस पोस्ट के जरिए हम आपको बौद्ध धर्म से 10 शील के बारे में बताने जा रहे हैं जो जीवन को नई दिशा देते हैं.

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ये हैं बौद्ध धर्म के 10 शील

बौद्ध धर्म में पहली शील में अहिंसा के मार्ग पर चलने प्रेरणा दी गयी है इसमें बताया गया है कि बड़े से लेकर छोटे जीव की हत्या करना हिंसा है और इस हिंसा से बचना चाहिये. वहीं दूसरी शील में सत्य के बारे में कहा गया है इस शील में कहा गया है कि इंसान को कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिये उसे हमेशा ही सच बोलना चाहिए. तीसरी शील में अस्तेय के मार्ग पर चलने प्रेरणा दी गयी है. इसमें बताया गया है कि कभी भी चोरी न करें साथ ही ये भी कहा गया है कि कभी दूसरों की वस्तुओं पर नियत खराब ना करें.

शील देते हैं जीवन जीने की प्रेरणा 

चौथी शील हमें अपरिग्रह की प्रेरणा देती है इसमें कहा गया है कि ज्यादा नहीं रखनी चाहिए जितनी जरूरी हो उतनी ही संपति रखें. ज्यादा संपति रखना चोरी है. वहीं पांचवा शील हमें ब्रह्मचर्य के मार्ग पर चलाने की प्रेरणा देता है इसका मत्ल कि व्याभिचार से बचें. काम इंसान का शत्रु है. वहीं छठा शील हमें अविलासिता के बारे में बताता है इसका मतलब है कि विलासी जीवन से दूर रहें. संगीत  और नृत्य का त्याग करें.

सातवाँ शील हमें सुखप्रद बिस्तर पर ना सोना कि बात कहते हैं इसका मतलब है कि हमें आराम दायक बिस्तर पर सोने से बचना चाहिए. वहीं आठवा शील हमें असमय भोजन का त्याग करने की प्रेरणा देता है मतलब हर किसी समय भोजन करने से बचना चाहिए हमें तय समय पर ही भोजन करना चाहिए.

इन दोनों चीजों का भी करें त्याग 

नवां शील हमें मद्यपान से दूरी बाने की प्रेरणा देता है यानि कि नशे से दूर रहना चाहिये क्योंकि नश कई समस्याओं की जड़ है. वहीं दसवां शील हमें कंचन कामिनी का त्याग करने की प्रेरणा देता है यानि कि सोना तथा कामिनी यानी स्त्री संग का त्याग करें.

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