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क्यों LG के पद से हटाई गई किरण बेदी? पुडुचेरी में क्या सियासी संकट चल रहा? जानिए सबकुछ

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 17 Feb 2021, 12:00 AM | Updated: 17 Feb 2021, 12:00 AM

इस साल पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। जिसमें पश्चिम
बंगाल, असम के अलावा पुडुचेरी भी शामिल है। चुनावों से महीनों पहले ही इन राज्यों
की सियासत लगातार गरमाई हुई है। लेकिन पुडुचेरी में तो कुछ अलग ही चल रहा है। पुडुचेरी
की उपराज्यपाल किरण बेदी को उनके पद से हटा दिया गया। तेलंगाना की राज्यपाल को
पुडुचेरी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया।
29 मई 2016 को किरण बेदी पुडुचेरी की
उपराज्यपाल बनाई गई थीं। किरण बेदी का कार्यकाल अभी 100 दिनों का बचा था, लेकिन
इससे पहले ही राष्ट्रपति ने उन्हें उनके पद से हटा दिया।

सीएम ने किरण बेदी को की थी हटाने की मांग

बता दें कि लंबे समय से कांग्रेस सरकार और किरण बेदी के बीच टकराव की
स्थिति बनी हुई थी। 10 फरवरी को पुडुचेरी के सीएम वी. नारायणस्वामी ने राष्ट्रपति रामनाथ
कोविंद से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा था और किरण बेदी को उपराज्यपाल के पद से
हटाने की मांग की थीं। अब आखिरकार उनकी ये मांग मान ली गई है।

किरण बेदी को LG के पद से हटाए जाने के बाद सीएम वी नारायणस्वामी
ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमारे दबाव की वजह से उनको हटाया गया। ये पुडुचेरी
के लोगों की बड़ी जीत है। किरण बेदी ने कल्याणकारी योजनाओं को रोकने की कोशिश की।

नारायणसामी सरकार पर गहराया संकट

राष्ट्रपति ने ये फैसला ऐसे वक्त में आया जब केंद्र शासित प्रदेश
पुडुचेरी की सत्ताधारी नारायणसामी के नेतृत्व की सरकार पर संकट आ गया है। सरकार
ने मंगलवार को विधानसभा में बहुमत खो दिया। मंगलवार को एक और विधायक ने इस्तीफा दे
दिया। इससे पहले तीन कांग्रेस विधायक भी इस्तीफा दे चुके हैं। इन इस्तीफों के बाद
नारायणस्वामी की सरकार खतरे में  आ गई। कांग्रेस
की सरकार अब अल्पमत में नजर आ रही है।

पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में 2016 में हुए चुनावों की बात
करें तो इस दौरान कांग्रेस ने 15 सीटों पर जीत दर्ज  की थी। जबकि पार्टी को तीन
DMK और एक निर्दलीय
विधायक का समर्थन भी हासिल हुआ था। इस तरह से यहां पर कांग्रेस की सरकार सत्ता में
आ गई। चार विधायकों के इस्तीफे और एक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने
की वजह से निकाला गया। जिसके बाद कांग्रेस गठबंधन की संख्या केवल 14 ही रह गई ।
 सदन में प्रभावी
सदस्यों की संख्या के आधार पर बहुमत का आंकड़ा
15 है। 2016 विधानसभा चुनावों में AINRC
ने 7 और AIADMK
ने 4 सीटें जीती
थीं। सदन में बीजेपी के तीन नामित सदस्य हैं।

विपक्षी पार्टियां पुडुचेरी की सीएम नारायणस्वामी से ये कहते हुए
इस्तीफा मांग रही है कि उनकी सरकार अल्पमत में है। हालांकि
, नारायणसामी का दावा है कि उनकी सरकार को बहुमत हासिल
है।

पुडुचेरी में कुछ ही महीनों में चुनाव होने है। जल्द ही चुनाव की
तारीखों का भी ऐलान हो सकता है। लेकिन उससे पहले ही यहां पर सियासी बवाल मच गया
है। इस हंगामे के बीच नारायणस्वामी अपनी सरकार बचा पाते हैं या फिर नहीं, ये देखना
दिलचस्प होगा।  

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