Wasim Murder Case: साल 2025 के आखिरी दिन देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर गैंगवार और अंडरवर्ल्ड के साए में नजर आई। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में हुए वसीम हत्याकांड ने पहले ही इलाके में दहशत फैला दी थी, अब इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की सोशल मीडिया पोस्ट ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। गैंग ने खुले तौर पर इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि यह वारदात कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा के लिए करवाई गई।
कैसे हुआ वसीम का मर्डर? (Wasim Murder Case)
30 और 31 दिसंबर की दरम्यानी रात शास्त्री पार्क स्थित जेपीसी अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली कि चाकू से घायल एक युवक को भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 33 वर्षीय वसीम के रूप में हुई, जो बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क का रहने वाला था। शुरुआती जांच में सामने आया कि वसीम पर डीडीए पार्क के पीछे बने लूप के पास चाकू से हमला किया गया था।
सूचना मिलते ही शास्त्री पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और हत्या का मामला दर्ज किया गया। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू हुई।
पुलिस की तेज कार्रवाई, दो सगे भाई गिरफ्तार
एसएचओ इंस्पेक्टर मनजीत तोमर के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय शाकिर और 22 वर्षीय इस्लाम उर्फ बॉर्डर के रूप में हुई, जो मृतक के ही इलाके के रहने वाले हैं।
पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि वसीम के साथ उनका पुराना विवाद चल रहा था। इसी आपसी रंजिश के चलते उन्होंने चाकू से हमला किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दावा, मामला पलटा
जब पुलिस इस केस को आपसी रंजिश मानकर आगे बढ़ रही थी, तभी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई। इस पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने वसीम की हत्या की जिम्मेदारी ली। गैंग का दावा है कि वसीम लगातार उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा के खिलाफ बयानबाजी कर रहा था, इसलिए उसे रास्ते से हटाया गया।
पोस्ट में यह भी इशारा किया गया कि हत्या का आदेश तिहाड़ जेल से दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है और पोस्ट की सत्यता की जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने दो दावे, बढ़ी चुनौती
अब पुलिस के सामने दो अलग-अलग कहानियां हैं। एक तरफ गिरफ्तार आरोपियों का कबूलनामा है, जिसमें हत्या को आपसी रंजिश बताया गया है। दूसरी तरफ लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दावा है कि यह एक सोची-समझी सुपारी किलिंग थी।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी किसी बड़े गैंग के संपर्क में तो नहीं थे या फिर गैंग केवल इलाके में डर का माहौल बनाने के लिए इस हत्या की जिम्मेदारी ले रहा है।
आगे की जांच में क्या-क्या बिंदु अहम
फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और जेल से जुड़े किसी भी संभावित लिंक की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई संगठित गैंगवार की साजिश छिपी है।




























