US Strikes Venezuela: वेनेजुएला की राजधानी काराकास से शनिवार तड़के आई खबरों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। शहर में एक के बाद एक तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, धुएं के गुबार उठते दिखे और कुछ ही घंटों बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा कर दिया। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ हिरासत में ले लिया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है।
ट्रंप का बड़ा ऐलान (US Strikes Venezuela)
डोनाल्ड ट्रंप ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से की गई है और ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी। ट्रंप ने सुबह 11 बजे फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की घोषणा की है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने नहीं की है।
धमाकों से दहली काराकास
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार तड़के काराकास में कम से कम सात जोरदार धमाके हुए। सबसे ज्यादा विस्फोट शहर के मुख्य सैन्य अड्डे ‘फोर्टुना’ के आसपास बताए जा रहे हैं। धमाकों के बाद पूरे शहर में बिजली गुल हो गई और ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार, लोगों ने कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की आवाजें भी सुनीं।
JUST IN: Multiple explosions are detonating in Venezuela’s capital, Caracas. pic.twitter.com/Uzon0D5l3l
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) January 3, 2026
धमाकों की आवाज सुनते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में भगदड़ जैसे हालात बन गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में आसमान में उड़ते विमान और अलग-अलग जगहों से उठता धुआं साफ देखा जा सकता है।
सरकार का जवाब और आरोप
वेनेजुएला सरकार ने बयान जारी कर इन हमलों की कड़ी निंदा की है। सरकार ने अमेरिका पर सीधे तौर पर सैन्य कार्रवाई का आरोप लगाया और कहा कि इसका मकसद देश के तेल और खनिज संसाधनों पर कब्जा करना है। मादुरो सरकार ने दावा किया कि देश की रक्षा योजनाओं को सक्रिय कर दिया गया है और जनता से सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराने की अपील की गई है।
सरकार ने ट्रंप प्रशासन पर “साम्राज्यवादी मंशा” का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम सत्ता परिवर्तन की कोशिश का हिस्सा है।
अमेरिका-वेनेजुएला तनाव की जड़
अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। अमेरिका मादुरो सरकार पर ‘नार्को-टेररिज्म’ यानी ड्रग तस्करी को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगाता रहा है। मादुरो पर करोड़ों डॉलर का इनाम भी घोषित किया गया है।
पिछले साल अक्टूबर में ट्रंप ने खुलासा किया था कि उन्होंने CIA को वेनेजुएला के भीतर कार्रवाई की अनुमति दी है, ताकि अवैध ड्रग कारोबार और गैर-कानूनी प्रवास को रोका जा सके। इसी पृष्ठभूमि में मौजूदा घटनाक्रम को देखा जा रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ट्रंप की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस और वेनेजुएला से आने वाली आधिकारिक पुष्टि पर टिकी हैं। अगर मादुरो की गिरफ्तारी का दावा सही साबित होता है, तो यह लैटिन अमेरिका की राजनीति और वैश्विक कूटनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। वहीं, अगर दावे गलत निकलते हैं, तो यह दोनों देशों के बीच तनाव को और भड़का सकता है। आने वाले घंटे इस संकट की दिशा तय करेंगे।
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