US-Israel-Iran war news: अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच जारी जंग अब और गंभीर रूप ले रही है। एक महीने से चल रहे संघर्ष में दोनों पक्ष झुकने को तैयार नहीं हैं और ईरान ने अब सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए तेहरान स्थित विश्वविद्यालय को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी सैन्य संगठन ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान का अल्टीमेटम (US-Israel-Iran war news)
IRGC ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वह और इजरायल सोमवार, 30 मार्च दोपहर 12 बजे तक तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमले की आधिकारिक निंदा नहीं करते, तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा। IRGC ने स्पष्ट किया कि तेहरान में ‘ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ को इस हमले में नुकसान पहुंचा है और अब इसका बदला अमेरिका और इजरायल की यूनिवर्सिटीज पर लिया जाएगा।
JUST IN: 🇮🇷 Video shows the aftermath of US-Israeli strikes on Tehran’s University of Science and Technology. pic.twitter.com/INMVlXvnoe
— BRICS News (@BRICSinfo) March 28, 2026
युद्ध और चेतावनी
IRGC ने कहा कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों के सभी कर्मचारी, प्रोफेसर और छात्र अपने कैंपस से एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस कार्रवाई को रोकना चाहता है, तो उसे समय रहते बयान जारी करना होगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी कहा कि अगर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया, तो ईरान इसका “जबरदस्त जवाब” देगा।
तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमला
IRGC के वीडियो में तेहरान यूनिवर्सिटी के परिसर में मलबा और क्षतिग्रस्त इमारतें दिखाई दे रही हैं। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में दो ईरानी यूनिवर्सिटीज को भारी नुकसान हुआ है। इस चेतावनी के बाद खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी विश्वविद्यालय भी खतरे में आ गए हैं, जैसे कतर में टेक्सास A&M यूनिवर्सिटी और यूएई में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी।
🚨 48 Hours ULTIMATUM ⌛
Condemn bombing of Iranian universities or US universities will be hit!“Warning to the criminal rulers of America! The Zionist American invading forces have bombed Tehran University of Science and Technology, targeting Iranian universities with their… pic.twitter.com/YUgl8TD2U3
— True Promise – الوعد الصادق ✪🇮🇷 (@IRTruePromise) March 28, 2026
एक महीने से जारी संघर्ष
ये जंग लगभग एक महीने से चल रही है और अभी तक कोई पक्ष निर्णायक बढ़त नहीं ले पाया है। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भी हमला किया गया। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अंतरराष्ट्रीय असर और मिस्र की प्रतिक्रिया
इस युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं और आर्थिक संकट गहराया है। मिस्र ने घोषणा की कि वह बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स की गति दो महीने के लिए धीमी कर देगा ताकि ईंधन और डीजल की खपत नियंत्रित की जा सके। इस कदम का उद्देश्य घरेलू आपूर्ति और खर्च पर नियंत्रण रखना है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच यह जंग अब सीधे शिक्षा संस्थानों तक फैलती नजर आ रही है, जिससे न केवल राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है बल्कि आम नागरिकों, छात्रों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।



























