UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को अपना 10वां बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696.3 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया, जो राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह रही कि इस बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है और पूंजीगत व्यय 19.5 प्रतिशत रखा गया है। राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत तय की गई है, जिसे 2030-31 तक बनाए रखने का लक्ष्य है।
कृषि और किसानों पर खास फोकस | UP Budget 2026
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में नंबर वन बना हुआ है। गेहूं और आलू उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। राज्य में एग्री एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे ताकि किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सके।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 62 लाख किसानों को लाभ पहुंचाया गया है। फसल बीमा के अंतर्गत 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति किसानों को दी गई। सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान का भी दावा किया।
कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का लगभग 9 प्रतिशत आवंटित किया गया है।
प्रति व्यक्ति आय बढ़ी, 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में लगातार वृद्धि हुई है। सरकार का दावा है कि करीब 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। निवेश के बढ़ते माहौल के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग 2018-19 में 29वें स्थान से सुधरकर 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है।
निवेश और उद्योग में नई रफ्तार
फरवरी 2024 में आयोजित चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए बताया गया कि अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे करीब 10 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।
लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के लिए चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जा चुकी हैं।
औद्योगिक विकास योजनाओं के लिए 27,103 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल से 13 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार और नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट और फॉर्च्यून-500 कंपनियों को आकर्षित करने के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स हब बना यूपी
सरकार ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन का 65 प्रतिशत उत्पादन यूपी में होता है।
देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां भी यहीं स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
स्टार्टअप को बढ़ावा देने के प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर श्रेणी’ का दर्जा मिला है।
डिफेंस कॉरिडोर और रोजगार
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना के लिए एमओयू साइन हुए हैं। इसमें 35,280 करोड़ रुपये के निवेश और 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर बड़ा आवंटन
शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल बजट का 12.4 प्रतिशत और चिकित्सा के लिए 6 प्रतिशत राशि निर्धारित की गई है।
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू की जाएगी, जिसके लिए 358 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण के लिए 2,374 करोड़ रुपये रखे गए हैं। अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे “नौ वर्षों के नवनिर्माण की गाथा” बताया। उन्होंने कहा कि 43,565 करोड़ रुपये से अधिक नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के जरिए रोजगार सृजन पर खास ध्यान दिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को लगातार दस बजट पेश करने का अवसर मिला है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन और कर चोरी पर नियंत्रण के कारण राज्य को रेवेन्यू सरप्लस स्थिति में लाने का दावा किया गया।
कुल मिलाकर, यह बजट कृषि, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर संतुलित फोकस के साथ राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।




























