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Hit and Run: नए कानून के विरोध में देशभर की सड़कों पर खड़े हुए ट्रक

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 02 Jan 2024, 12:00 AM | Updated: 02 Jan 2024, 12:00 AM

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए हिंट एंड रन कानून को लेकर विरोध शुरू हो गया है और ये विरोध-प्रदर्शन पूरे देश में ट्रक और डंपर चालकों द्वार किया जा रहा है. ट्रक और डंपर चालकों ने जहाँ जाम लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया तो वहीं बस टैक्सी आदि भी रोककर सड़कों पर जाम लगा दिया. ट्रक और डंपर चालकों कहना है कि ये कानून गलत है और इसे वापस लेना चाहिए.

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ड्राइवरों ने ट्रक सड़कों पर किया विरोध-प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, ‘हिट एंड रन’ के मामलों में केंद्र सरकार के नियम कड़े कर दिया है और नए नियम में 10 साल कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है. सरकार के इस नए नियम से ट्रक ड्राइवर गुस्से में हैं और इन कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. वहीँ इसी मांग को लेकर मुंबई, इंदौर से लेकर दिल्ली-हरियाणा, यूपी समेत कई जगहों पर ट्रक चालकों ने अपने-अपने ट्रक सड़कों पर खड़ा कर जाम लगा दिया है.

वहीं मध्य प्रदेश में हड़ताल का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है और ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के बाद भोपाल के कई पेट्रोल पंप पर लोग परेशान रहे क्योंकि कई जगहों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गए हैं.

जानिए नए कानून में क्या है

संसद से पारित और कानून बनी भारतीय न्याय संहिता में हिंट एंड रन में लापरवाही से मौत में विशेष प्रावधान किए गए हैं. कानून के अनुसार अगर ड्राइवर के तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने से मौत होती है और वह पुलिस या मजिस्ट्रेट को जानकारी दिए बिना भाग जाता है तो 10 साल तक की कैद और 7 लाख रुपये जुर्माना लगेगा. ये कानून सभी प्रकार यानी दोपहिया से कार, ट्रक, टैंकर जैसे सभी वाहनों चालकों पर लागू होता है.

मौजूदा कानून के मुताबिक केस आईपीसी की धारा 279 में ड्राइवर की पहचान के बाद 304ए और 338 के तहत दर्ज किया जाता है. इसमें दो साल की सजा का प्रावधान है. हालांकि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि उन चालकों के प्रति नरमी बरती जाएगी जो पुलिस को सूचना देंगे और घायल को अस्पताल ले जाएंगे.

इस वजह से ड्राइवर कर रहे विरोध

वहीँ ड्राइवरों इन नियमों के खिलाफ इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे अगर वे मौके पर रहे तो उन्हें भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है और इस दौरान वो बुरी तरह घायल हो सकते हैं. वहीं ड्राइवरों का ये भी कहना है किऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष अमृतलाल मदान ने कहा कि संशोधन से पहले स्टेक होल्डर्स से राय नहीं ली गई. देश में एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन प्रोटोकॉल का अभाव है. पुलिस बिना जांच दोष बड़े वाहन पर मढ़ देती है और इस वजह से ट्रक ड्राइवर मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन की मांग कर रहे हैं.

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