Thyroid treatment: आज की भाग-दौड़ भारी दुनिया में, लोग अक्सर अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियाँ हो जाती हैं। ऐसी ही एक बीमारी है थायराइड डिसऑर्डर, जो बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही है। बहुत से लोग अपनी थायराइड की समस्याओं को ठीक करने के लिए अलग-अलग इलाज आज़माते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं थायराइड डिसऑर्डर कैसे होता है? इसका इलाज कैसे किया जा सकता हैं? अगर नहीं तो चलिए आपको इस लेख में विस्तार से बताते हैं।
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थायराइड क्या है? (What is Thyroid)
थायरॉइड (Thyroid) कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारे गले में तितली के शेप की एक gland है। यह gland थायरॉइड हार्मोन बनाती है, जो हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म (भोजन को एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया) को कंट्रोल करते हैं। जब यह gland बहुत ज़्यादा या बहुत कम हार्मोन बनाती है, तो इसे “थायरॉइड की समस्या” कहा जाता है। वही थायरॉइड डिसऑर्डर दो तरह के होते हैं…
हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)- यह वो स्थिति है जब, ग्लैंड बहुत कम हार्मोन बनाती है, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और वज़न बढ़ जाता है। जिसके कारण थाइरोइड बढ़ जाता है।
हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) – इस स्थिति में, ग्लैंड बहुत ज़्यादा हार्मोन बनाती है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज़ हो जाता है और तेज़ी से वज़न कम होता है। जिसके कारण शरीर में थकान, कमजोरी और चिड़चिड़ापन होने लगता है।
थायरॉइड को नियंत्रित करने के उपाय
कुछ बीमारियों का इलाज या उन्हें कंट्रोल दवाइयों के बजाय सही डाइट से ज़्यादा असरदार तरीके से किया जा सकता है। इसी तरह, थायराइड की समस्याओं को भी हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल से काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
सही समय पर सही खाना खाएं – Eat the right food at the right time
- आयोडीन से भरपूर खाना खाने से थायराइड को ठीक किया जा सकता हैं, सेहत के लिए सही मात्रा में आयोडीन बहुत ज़रूरी है। आयोडीन वाला नमक और सी-फूड खाएं।
- प्रोटीन और फाइबर युक्त दालें, पनीर, अंडे और हरी सब्जियां खाएं। ये भी थाइरोइड कम करने में सहायक है।
- इनसे बचें कच्चे सोया प्रोडक्ट्स, ब्रोकली, पत्तागोभी और फूलगोभी का सेवन कम करें (इन्हें पकाकर खाया जा सकता है)। इसके अलवा चीनी और मैदा का सेवन कम से कम करें। जो आज के समय में बहुत ट्रेंड में है इसे लोग काफी शौक से खाते हैं।
नियमित व्यायाम करें (Exercise regularly)
किसी भी बीमारी को ठीक करने के लिए, रोज़ाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या एक्सरसाइज़ करें। ऐसा करने से शरीर से कई बीमारियाँ दूर होती हैं। कई एक्सरसाइज़ हैं जिन्हें रेगुलर किया जा सकता है, जैसे उज्जयी प्राणायाम, सर्वांगासन और हलासन, जो थायराइड ग्लैंड के लिए बहुत असरदार माने जाते हैं।
तनाव कम करें (Stress Management)
आजकल स्ट्रेस इतनी गंभीर समस्या बन गई है कि यह जानलेवा भी हो सकती है। ज़्यादा स्ट्रेस से हार्मोनल असंतुलन भी हो सकता है। स्ट्रेस कम करने के लिए, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज़ करें। इसके अलावा, अपने शरीर को रिकवर होने देने के लिए कम से कम 7-8 घंटे की आरामदायक नींद लें। इससे आपको ताज़ा महसूस होगा और आपका शरीर एक्टिव रहेगा।
नियमित जाँच और दवा
डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां (जैसे लेवोथायरोक्सिन) समय पर लें। खाली पेट दवा लेना सबसे प्रभावी होता है।
हर 3 से 6 महीने में अपना TSH टेस्ट करवाते रहें।
Disclamier: अगर आपको लगातार थकान, वज़न में अचानक बदलाव, या गर्दन में सूजन महसूस हो, तो तुरंत एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (Endocrinologist) से सलाह लें। खुद से इलाज करने या कोई घरेलू नुस्खा आज़माने की कोशिश न करें। नहीं तो ये एक गंभीर बीमारी में भी बदल सकती है।




























