Taliban Reaction On Afghanistan: तालिबान शासन वाले अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी सेना के ताजा हवाई हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा है कि इन हमलों का “सही समय पर करारा जवाब” दिया जाएगा। मंत्रालय ने इसे देश की संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी मूल्यों का खुला उल्लंघन बताया है।
पक्तिका और नंगरहार में तड़के बमबारी (Taliban Reaction On Afghanistan)
जानकारी के मुताबिक, रविवार तड़के पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती प्रांत पक्तिका और नंगरहार में कई स्थानों पर बमबारी की। इन हमलों में कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर है।
अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा है कि हमलों में आम रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। बयान में कहा गया कि एक धार्मिक मदरसे और कई घरों पर बम गिराए गए, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों बेगुनाह लोग मारे गए या घायल हुए। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले न केवल सैन्य कार्रवाई हैं, बल्कि मानवीय और धार्मिक मूल्यों के भी खिलाफ हैं।
‘नाकामियों को नहीं छिपा पाएंगे ऐसे हमले’
तालिबान सरकार ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व बार-बार ऐसी कार्रवाई कर अपनी इंटेलिजेंस और सुरक्षा विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, “आम लोगों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना उनकी कमजोरी का संकेत है।”
बयान में आगे कहा गया कि देश की रक्षा करना सरकार की धार्मिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि इन हमलों का जवाब सोच-समझकर और सही समय पर दिया जाएगा।
पाकिस्तान का दावा: आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई
दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना ने एयरस्ट्राइक की पुष्टि करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISKP) के ठिकानों के खिलाफ की गई। इस्लामाबाद का दावा है कि इन संगठनों के लड़ाके अफगान जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमलों की साजिश रचते हैं।
हालांकि, अफगान तालिबान पहले भी यह कह चुका है कि टीटीपी उसके नियंत्रण वाले इलाकों से काम नहीं करता और पाकिस्तान के आरोप बेबुनियाद हैं।
पूर्व राजदूत की भी कड़ी प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर इस्लामाबाद में तालिबान के पूर्व राजदूत अब्दुल सलाम जईफ ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नंगरहार और पक्तिका में की गई कार्रवाई अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन है। जईफ ने इसे “गैर-कानूनी और कायरतापूर्ण कदम” बताया।
उनका आरोप है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान को निशाना बना रहा है और बेगुनाह नागरिकों को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
बढ़ सकता है सीमा तनाव
सीमावर्ती इलाकों में पहले भी दोनों देशों के बीच झड़पें होती रही हैं, लेकिन इस ताजा घटनाक्रम ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। अगर तालिबान सरकार जवाबी कार्रवाई करती है तो क्षेत्र में हालात और बिगड़ सकते हैं।





























