T20 World Cup 2026: भारत में आयोजित होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश के हटने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हलचल पैदा कर दी है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ओर से 24 घंटे का अल्टीमेटम मिलने के बाद ढाका में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और सरकार के बीच एक हाई लेवल मीटिंग हुई। इस बैठक में यह साफ कर दिया गया कि बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम भारत नहीं जाएगी। इसके साथ ही बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से बाहर हो गया है और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया गया है।
और पढ़ें: IND vs NZ T20 Series: 3 साल बाद टीम में वापसी, लेकिन श्रेयस अय्यर को नहीं मिलेगा मौका
आईसीसी का सख्त रुख और बड़ा संदेश (T20 World Cup 2026)
आईसीसी ने इस पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाया है। बांग्लादेश को बाहर करने और स्कॉटलैंड को शामिल करने के पक्ष में 14-2 से वोटिंग हुई, जिससे यह साफ संकेत गया कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में राजनीतिक या बाहरी दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आईसीसी इसे टूर्नामेंट की निष्पक्षता और ईमानदारी को मजबूत करने के तौर पर देख रहा है। आखिरी समय में टीम बदलने से होने वाली दिक्कतों को देखते हुए स्टैंडबाय टीम को तुरंत एक्टिवेट कर दिया गया, ताकि आयोजन की तैयारियों पर कोई असर न पड़े।
क्या आईसीसी को होगा कोई नुकसान?
अगर वित्तीय पहलू की बात करें तो आईसीसी को इस फैसले से किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है। भारत के मेजबान होने और ग्लोबल ब्रॉडकास्टर्स के पहले से तय होने की वजह से मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप और टिकट से मिलने वाली कमाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आईसीसी पहले ही साफ कर चुका है कि बांग्लादेश के हटने से टूर्नामेंट की कमर्शियल वैल्यू पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर पड़ेगा सीधा असर
इस फैसले का सबसे बड़ा झटका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को लगने वाला है। आईसीसी के मेंबर पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट के तहत क्वालिफाई करने के बाद टूर्नामेंट से हटने पर बीसीबी पर करीब 16 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा बांग्लादेश को लगभग 5 लाख डॉलर की पार्टिसिपेशन फीस भी गंवानी पड़ेगी। भले ही बोर्ड के अधिकारी यह दावा कर रहे हों कि 2027 तक उनके रेवेन्यू की योजना पहले से तय है, लेकिन यह जुर्माना उनके लिए एक बड़ा और अनचाहा वित्तीय बोझ साबित होगा। साथ ही, बीसीबी को ग्लोबल पहचान, स्पॉन्सरशिप विजिबिलिटी और आईसीसी की परफॉर्मेंस बेस्ड कमाई से भी हाथ धोना पड़ेगा।
खिलाड़ियों की कमाई और करियर पर असर
बांग्लादेश के खिलाड़ियों के लिए यह फैसला और भी नुकसानदेह साबित हो सकता है। टी20 वर्ल्ड कप में न खेलने की वजह से उन्हें मैच फीस, परफॉर्मेंस बोनस और प्राइज मनी से वंचित रहना पड़ेगा। अगर टीम सुपर-8 या सेमीफाइनल तक पहुंचती, तो सिर्फ प्राइज मनी के तौर पर ही एक मिलियन से ढाई मिलियन डॉलर तक की कमाई संभव थी, जो अब पूरी तरह खत्म हो गई है।
आईसीसी की कार्रवाई का खतरा
लंबे समय में सबसे बड़ा जोखिम बांग्लादेश क्रिकेट की साख पर है। अगर आईसीसी इस नतीजे पर पहुंचती है कि टूर्नामेंट से हटने का फैसला राजनीतिक कारणों से लिया गया था, तो बीसीबी पर अस्थायी निलंबन या कड़ी जांच की कार्रवाई हो सकती है। ऐसी स्थिति में देश में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर ब्रेक लग सकता है और आईसीसी की फंडिंग भी रुक सकती है। कुल मिलाकर, टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने का यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट के लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है।































