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Sikhism in new zealand: न्यूजीलैंड में सिख धर्म का सफर, संघर्ष से सफलता तक की पूरी दास्तां

Shikha | Nedrick News

Published: 07 Jan 2026, 05:24 AM | Updated: 07 Jan 2026, 05:25 AM

Sikhism in new zealand: अगर आपसे पूछा जाए कि पूरी दुनिया में अगर भारत के बाद सिखो की आबादी कही सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ी है तो वो कौन सा देश है, तो इसका जवाब शायद आसान होगा कनाडा, लेकिन अगर ये पूछा जाए कि तीसरा कौन सा देश है क्या कहेंगे, जी हां, उसका जवाब हम आपको देते है, ये एक ऐसा देश है जहां न केवल कानून व्यवस्था सटीक है बल्कि मौजूदा समय में ये लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

न्यूजीलैंड में सिख धर्म कैसे फालाफुला

कहने के लिए तो ये एक छोटा सा देश है लेकिन यहां की विविधता, समरूपता और समानता इस देश को काफी खास बनाती है, और ये एक देश है जहां सिखो की आबादी तेजी से बढ़ रही है। हम बात कर रहे हैं न्यूजीलैंड की। न्यूजीलैंड ही वो देश है जहां सिखो की आबादी बीते एक दशक में तेजी से बढ़ी है, जो सिखो की पहली पसंद बनता जा रहा है लेकिन सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्यों है, और कैसे सिख यहां तेजी से फले फूले। अपने इस वीडियो में हम न्यूजीलैंड में सिखिज्म की कहानी को जानेंगे, साथ मौजूदा समय में किस स्थिति में है यहां सिख।

न्यूजीलैंड के बारे में – About New Zealand

न्यूजीलैंड दक्षिण-पश्चिमी प्रशांत महासागर में एक द्वीपीय देश है, जो कि दो बड़े बड़े द्वीपो में बंटा हुआ है साथ ही करीब 600 छोटे छोटे द्वीप भी शामिल है। जो कि तस्मान सागर के पार ऑस्ट्रेलिया के पूर्व में और न्यू कैलेडोनिया, फिजी और टोंगा के द्वीपों के दक्षिण में स्थित द्विय देश है। वेलिंगटन न्यूजीलैंड की राजधानी है और ऑकलैंड इसका सबसे आबादी वाला शहर है। न्यूजीलैंड के राष्ट्रीय पक्षी कीवी के कारण ही यहां के लोगो को कीवी कहा जाता है। न्यूजीलैंड का क्षेत्रफल 263,310 वर्ग किलोमीटर है, तो वहीं 2023 के अनुसार न्यूजीलैंड की जनसंख्या 4,993,923 है, जो कि वर्ल्ड पॉपुलेशन में 121वें स्थान पर है।

न्यूजीलैंड में सिख धर्म – Sikhism in new zealand

जब हम सिख धर्म के फलने फूलने की बात करते है तो भारत और कनाडा के बाद न्यूजीलैंड तीसरा देश है जहां पिछले 1 दशक से सिखों की आबादी बढ़ी है। जब हम न्यूजीलेंड में सिखों के इतिहास की बात की जाती है कि तो 19वी सदी के अंत में पहली बार सिख न्यूजीलैंड आये थे। जब पंजाब के मोगा जिले के रहने वाले सिख भाई फुमन सिंह और बीर सिंह गिल 1890 के आसपास पहली बार न्यूजीलैंड आए थे। जिसमें बीर सिंह गिल एक दवा विशेषज्ञ थे और वो अपने काम के सिलसिले में न्यूजीलैंड आये थे, और माओरी समुदाय में शादी करके यहीं की संस्कृति का अपना लिया था।

जिसे बाद पंजाब के कई सिख न्यूजीलैंड गए.लेकिन 1899 के इमिग्रेशन एक्ट जैसे प्रतिबंधात्मक आप्रवासन कानूनों के लागू होने के कारण सिखों ने वहां जाना कम कर दिया। हालांकि 1890 से लेकर 1910 तक सिखों की एक छोटी की कम्यूनिटी बस गई थी जो कि वाइकाटो, ऑकलैंड, वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में बसे थे, यहां सिख डेसरी किसान के रूप में काम करते थे।

न्यूजीलैंड में सिखों की आबादी

आपको जानकर हैरानी होगी कि सिख बंधुओं में एक फोमेन सिंह जो पहली बार न्यूजीलैंड आये थे, वो ही 1892 में पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब को न्यूजीलैंड ले गए थे। हालांकि बाद में लगे प्रतिबंध के कारण 1980 तक न्यूजीलैंड में सिखों की आबादी काफी धीमी गति से आगे बढ़ी। 1987 में न्यूज़ीलैंड ने नस्लीय बहिष्कार नीतियों को खत्म कर दिया गया जिससे प्रवासियों की संख्या में फिर से इजाफा होने लगा। 1991 तक, सिखों की आबादी 2,061 थी, लेकिन पंजाब के मजदूरों और छात्रों की बढ़ती आबादी के बाद 2013 तक सिखों की आबादी 19,191 पहुंच गई थी और 2023 तक 53,406 हो गई। केवल 2013 और 2018 के बीच 113% की सिखों की आबादी बढ़ी थी।

सुप्रीम सिख सोसाइटी ऑफ़ न्यूज़ीलैंड का गठन

सिखों की बढ़ती आबादी और देश के विकार को देखते हुए वहां की सरकार ने हैमिल्टन के ते रापा में 1977 में पहला गुरुद्वारा, न्यूजीलैंड सिख सोसाइटी गुरुद्वारा शुरू किया था, जिसकी नींव 3 अक्टूबर, 1976 को रखी गई थी। न्य़ूजीलैंड के रहने वाले सिखों की भलाई के लिए साल 1982 में सुप्रीम सिख सोसाइटी ऑफ़ न्यूज़ीलैंड का गठन किया गया, जो सिखों से जुड़े गुरुद्वारों, एजुकेशनल संस्थानों और खेल सुविधाओं की देखरेख करता है। इतना ही नहीं इस सोसाईटी ने COVID-19 लॉकडाउन के दौरान 26,500 खाने के बैग बांटे थे, जिसके लिए 2020 का पीपल्स चॉइस NZ फ़ूड हीरोज़ अवॉर्ड दिया गया था, इस सोसाइटी में 550 से ज्यादा सदस्य है।

वहीं सिखों को औऱ ज्यादा मजबूत करने के लिए 2022 में न्यूज़ीलैंड सेंट्रल सिख एसोसिएशन (Central Sikh Association) की स्थापना की गई थी, जिसके अंतर्गत 25 गुरुद्वारों और संगठनों को एकसाथ लाने का काम किया जाता है। सिखों की 50 प्रतिशत से भी ज्यादा आबादी ऑकलैंड में रहती है। सिख अनुयायी न्यजीलैंड में केवल आर्थिक तौर पर ही नहीं यहां की राजनीति में भी अहम योगदान दे रहे है। सुखी टर्नर 1995 से 2004 तक डुनेडिन की मेयर रहीं थी, वो न्यूजीलैंड की पहली सिख मेयर थी, उनकी लोकप्रियता ऐसी थी कि अपने रिटायमेंट तक वो मेयर के पद पर रही थी। जो ये दर्शाता है कि सिख धर्म वहां कितना लोकप्रिय धर्म हो चुका है। मौजूदा समय में न्यूजीलैंड में सिख धर्म पांचवा सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म है।

Shikha

shikha@nedricknews.com

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