Pappu Yadav Arrest: वैसे सांसद पप्पू यादव अपने बयानों के चलते सुर्खियों में बने रहते है। लेकिन अभी उनके सुर्खियों में आने की वजह उनका बयान नहीं है बल्कि उनकी सेहत है। हाल ही में बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसके बाद उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि बीती रात उनके पटना स्थित आवास पर काफी हंगामे के बीच पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पहले (Indira Gandhi Institute of Medical Sciences) लेकर गई और फिर (Patna Medical College and Hospital) रेफर किया गया।
गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव ने पुलिस पर सिविल ड्रेस में आने और अपनी खराब सेहत को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए विरोध भी जताया। जिसके बाद काफी हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है कि आखिर किस मामले में उनको गिरफ्तार किया गया जिसको लेकर ये सारा हंगामा हो हुआ।
आपको बता दें कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उनकी अचानक सेहत बिगड़ने को लेकर उनके आधिकारिक फेसबुक पेज और निजी सचिव ने दावा किया कि रात भर IGIMS में उन्हें बेड नहीं दिया गया और स्ट्रेचर पर ही रखा गया। सचिव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “नीट बेटी की लड़ाई लड़ने के कारण सत्ता और प्रशासन उनके साथ साजिश कर रहे हैं और उन्हें सही इलाज तक नहीं दिया जा रहा।”
पप्पू यादव के वकील ने उठाए सवाल
पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यह मामला 1995 का है और उस केस में पप्पू यादव पहले ही जमानत ले चुके थे। वकील का आरोप है कि बेल टूटने के बाद पुलिस ने जानबूझकर कानूनी नोटिस दबाए और बिना धारा 82 की प्रक्रिया पूरी किए सीधे धारा 83 के तहत कार्रवाई कर दी, जो कानूनन हैरान करने वाला कदम है।
कोर्ट में पेशी की तैयारी
बता दें कि अब पुलिस उन्हें अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है। उनकी लीगल टीम जमानत याचिका दाखिल करने जा रही है। अगर कोर्ट से राहत मिलती है तो वे रिहा हो सकते हैं, नहीं तो उन्हें जेल भेजा जा सकता है। हालांकि, उनकी सेहत को देखते हुए यह भी संभव है कि उन्हें जेल की बजाय अस्पताल के कैदी वार्ड में रखा जाए।
पहले भी बिगड़ चुकी है तबीयत
यह पहली बार नहीं है जब पप्पू यादव की तबीयत खराब हुई हो। इससे पहले भी कई बार उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। बता दें कि किडनी स्टोन और अन्य बीमारियां भी है। जुलाई 2021 में किडनी के पास स्टोन (पथरी) होने के कारण उनकी तबीयत काफी खराब हुई थी। उस समय वह दरभंगा के एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां डॉक्टरों ने बताया था कि उन्हें पीठ और कमर में दर्द की भी पुरानी समस्या है।
और मार्च 2021 में दिल्ली के एक अस्पताल में उनका एक बड़ा ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद कुछ समय के लिए उन्हें आईसीयू में रखा गया था। पप्पू यादव लंबे समय से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। फिलहाल सबकी नजर आज होने वाली कोर्ट पेशी पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि पप्पू यादव को बेल मिलेगी या उन्हें जेल भेजा जाएगा। उनकी सेहत और कानूनी स्थिति—दोनों ही इस मामले को और संवेदनशील बना रहे हैं।
जेल से पुराना नाता
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक बताया जा रहा है कि सांसद पप्पू यादव का पूराना नाता रहा है। वे कई बार अपने राजनीतिक करियर के दौरान जेल जा चुके हैं। जैसे पप्पू यादव पर 1998 में माकपा (CPI-M) नेता अजीत सरकार की हत्या का आरोप लगा था। इस मामले में 2008 में निचली अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके कारण वे करीब 12 साल जेल में रहे। हालांकि, 2013 में पटना हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था। और मई 2021 में कोरोना काल के दौरान उन्हें 1989 के एक पुराने अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
उस वक्त भी उन्होंने आरोप लगाया था कि एम्बुलेंस घोटाले को उजागर करने की वजह से उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उनके चुनावी हलफनामे (2024) के अनुसार, उन पर कुल 41 लंबित मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, रंगदारी, दंगा भड़काने और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे कई गंभीर आरोप शामिल रहे हैं। जब वे अजीत सरकार मामले में तिहाड़ और बेऊर जेल में थे, तब उन पर जेल के अंदर मोबाइल इस्तेमाल करने और दरबार लगाने जैसे नियमों के उल्लंघन के आरोप भी लगे थे।
क्या है 1995 मामला
पप्पू यादव के खिलाफ यह मामला 1995 का है, जो पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज (FIR No. 552/1995) किया गया था। बता दें कि यह मामला विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति की शिकायत पर आधारित है। आरोप है कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखे से उनका घर किराए पर लिया था। किराये पर लेते समय यह जानकारी छिपाई गई थी कि इस परिसर का उपयोग सांसद कार्यालय के रूप में किया जाएगा। पुलिस के अनुसार बताया जा रहा है कि इसमें आईपीसी की धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी), 419 (पहचान छिपाकर धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), और 468 (जालसाजी) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
उन पर धारा 506 (आपराधिक धमकी), 448 (अनाधिकार प्रवेश), और 120B (आपराधिक साजिश) के भी आरोप हैं। आरोप है कि मकान मालिक को डराया-धमकाया भी गया था। पटना की विशेष MP/MLA कोर्ट में इस मामले का ट्रायल चल रहा था। पप्पू यादव के बार-बार सुनवाई में उपस्थित न होने के कारण अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और कुर्की-जब्ती (संपत्ति कुर्क करने) का आदेश जारी किया था।



























