New Parliament Inauguration: नए और पुराने संसद भवन में क्‍या-क्‍या है अंतर?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 28 May 2023, 12:00 AM | Updated: 28 May 2023, 12:00 AM

New Parliament Inauguration in Hindi – पीएम नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर, 2020 को नए संसद भवन की आधारशिला राखी थी और रविवार 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नए संसद भवन का उद्घाटन किया. इस नए संसद भवन को बनाने में तीन साल का समय लगा है. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद का न‍वन‍िर्मि‍त भवन राष्‍ट्र को समर्प‍ित किया. वहीं इस पोस्ट के जरिए हम आपको इस बात की जानकारी जा रहे हैं कि नए और पुराने संसद भवन में क्‍या-क्‍या अंतर हैं.

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नए और पुराने संसद भवन में क्‍या-क्‍या अंतर

रिपोर्ट के अनुसार, पुराने संसद भवन में लोकसभा के लिए 543 सीटें, जबकि राज्यसभा के लिए 250 सीटें हैं. वहीं नए संसद भवन की बात करें तो लोकसभा की 888 सीटें हैं, जबक‍ि राज्‍यसभा की 300 सीटें हैं. पुराने संसद भवन का निर्माण साल 1921 में शुरू हुआ था.  ड्यूक ऑफ कनॉट ने 12 फरवरी 1921 को इसकी आधारशिला रखी थी। 18 जनवरी 1927 को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन ने इसका उद्घाटन क‍िया था.  उस समय इसे हाउस ऑफ पार्लियामेंट कहा जाता था.  वहीं नए संसद भवन की डिजाइनिंग गुजरात की आर्किटेक्चर फर्म एचसीपी डिजाइंस ने की है. इससे पहले एचसीपी डिजाइंस गुजरात के गांधीनगर में सेंट्रल विस्टा, राज्य सचिवालय, अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट डिवेलपमेंट जैसे कई प्रोजेक्‍ट्स ड‍िजाइन कर चुका है.

पुराने संसद भवन का डिजाइन उस दौर के मशहूर ब्रिटिश वास्तुकार एडविन के लुटियन और हर्बर्ट बेकर ने तैयार क‍िया था. तो वहीं नए संसद भवन की डिजाइनिंग गुजरात की आर्किटेक्चर फर्म एचसीपी डिजाइंस ने की है. एचसीपी डिजाइन इससे पहले गुजरात के गांधीनगर में सेंट्रल विस्टा, राज्य सचिवालय, अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट डिवेलपमेंट जैसे कई प्रोजेक्‍ट्स ड‍िजाइन कर चुका है.

पुराने और नए  संसद भवन का क्षेत्रफल

पुराना संसद भवन 566 मीटर व्यास में बना था. जरूरत के ह‍िसाब से बाद में साल 1956 में संसद भवन में दो और मंजिलें जोड़ी गईं. 2006 में संसद संग्रहालय बनाया गया. इस संग्रहालय में भारत की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत के ढाई हजार वर्षों को प्रदर्शित किया गया है. तो वहीं नए संसद का क्षेत्रफल 64,500 स्क्वैयर मीटर है. नए संसद भवन का आकार त्रिकोण रूप में है. कहा जा रहा है क‍ि ऐसा इसलिए बनाया गया है, क्योंकि हर एक धर्म में त्रिकोण ज्यामिति का बहुत महत्व है.

पुराने और नए संसद भवन के न‍िर्माण का समय और खर्च 

पुराने संसद भवन के न‍िर्माण में छह वर्ष का समय लगा था, जबक‍ि नए संसद भवन को बनाने में तीन साल का समय लगा है.पुराने संसद भवन को बनाने में उस दौर में 83 लाख रुपए का खर्च आया था. वहीं र‍िपोर्ट्स के मुताब‍िक, नए संसद भवन को बनाने में करीब 1200 करोड़ रुपए का खर्च आया है.

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