कोरोना को लेकर आई नई टेंशन: डेल्टा और ओमीक्रोन ने मिलकर बनाया Deltacron वेरिएंट, फिर मचेगी तबाही?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 17 Feb 2022, 12:00 AM | Updated: 17 Feb 2022, 12:00 AM

वैश्विक महामारी कोरोना ने लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। पिछले 2 सालों में कोरोना बार बार रूप बदलकर दुनिया में तबाही मचा रहा है। अब हाल ही में कोरोना का ओमीक्रोन वेरिएंट आया, जो बहुत ज्यादा तेजी से कई देशों में फैला। वहीं इससे पहले डेल्टा वेरिएंट सबसे ज्यादा घातक साबित हुआ था। पिछले साल कई देशों में डेल्टा ने भयंकर तबाही मचाई।

अब इसके बाद कोरोना का एक और नया वेरिएंट सामने आया है। इस वेरिएंट को Deltacron का नाम दिया गया। बताया जा रहा है कि नया वेरिएंट ओमीक्रोन और डेल्टा वेरिएंट के मिलने से बना है। पहले डेल्‍टा और ओमीक्रोन के कॉम्बिनेशन से बना ‘डेल्‍टाक्रोन’ को लैब एरर समझा गया था, लेकिन अब इसके मामले आने से टेंशन बढ़ गई है। वैज्ञानिक चेता रहे हैं कि ओमीक्रोन के मामले घटने और पाबंदियों में छूट देने से नए वेरिएंट के मामले बढ़ सकते हैं। 

ब्रिटेन से Deltacron कुछ मामले सामने आए हैं। हालांकि, यूके की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि इसको लेकर फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि इसके मामले कम हैं। ब्रिटेन से ऐसे कुछ केस आए हैं, जिसमें मरीज 2 तरह के कोविड वेरिएंट डेल्टा और ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा माना गया कि ये एक ऐसे मरीज में विकसित हुआ, जो एक ही समय में दोनों वेरिएंट से संक्रमित हुआ। हालांकि अब तक ये साफ नहीं हो पाया है कि ये किसी दूसरे देशों से आया या फिर ब्रिटेन में ही उत्पन्न हुआ। रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि वैरिएंट से संक्रमित मरीजों की स्थिति सामान्य है।

डेल्टाक्रोन वेरिएंट कितना संक्रामक है इसको लेकर अब तक ज्यादा जानकारी नहीं मिली। यूकेएचएसए के अधिकारी ये भी नहीं जानते हैं कि कोरोना का ये नया वेरिएंट गंभीर है। उनको फिलहाल ये भी नहीं मालूम कि इस वेरिएंट के लक्षण क्या हैं और वैक्सीन इसके खिलाफ कितनी असरदार हैं। हालांकि, संक्रामक रोग एक्सपर्ट प्रोफेसर पॉल हंटर ने कहा कि इससे बहुत ज्यादा खतरा पैदा नहीं होना चाहिए, क्योंकि यूके में मूल डेल्टा और ओमिक्रॉन इन दोनों ही वेरिएंट के खिलाफ इम्यूनिटी मजबूत है। 

वहीं इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा था कि कोई भी व्यक्ति SARS-CoV-2 के अलग अलग वेरिएंट से संक्रमित हो सकता है और संयोग से लोग इस महामारी के दौरान इन्फ्लूएंजा और कोविड -19 दोनों से संक्रमित थे।

बात भारत की करें तो देश ने कोरोना की तीन लहरों का अब तक सामना किया। कोरोना की सेकेंड वेव काफी खतरनाक साबित हुई। सेकेंड वेव की वजह डेल्टा वेरिएंट को माना गया। वहीं बीते महीनों ओमीक्रोन की वजह से देश में हालात एक बार फिर आउट ऑफ कंट्रोल हो गए थे। 

ओमीक्रोन के चलते केस बहुत तेजी से बढ़ थे। हालांकि ये वेरिएंट उतना खतरनाक नहीं साबित हुआ। वहीं, अब हालात एक बार फिर से काबू में आते हुए दिख रहे है। भारत में कोरोना के मामले काफी हद तक कम हो गए। जिसके बाद लागू की गई अधिकतर पाबंदियों में भी छूट दी जा चुकी है। 

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