Nalanda Temple Stampede: राष्ट्रपति के स्वागत में जुटा रहा नालंदा प्रशासन, मघड़ा शीतला मंदिर में बिछ गईं लाशें

Rajni | Nedrick News Bihar Published: 31 Mar 2026, 11:03 AM | Updated: 31 Mar 2026, 12:25 PM

Nalanda Temple Stampede: बिहार (Bihar) का नालंदा जिला जो अपनी प्राचीन यूनिवर्सिटी और उस महान लाइब्रेरी के लिए ही पूरी दुनिया में मशहूर है, वहीं नालंदा से बेहद दुखद खबर सामने आई है। एक तरफ सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा चल रहा था और दूसरी तरफ प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। क्या सारी सुरक्षा व्यवस्था राष्ट्रपति की सुरक्षा के कड़े इंतजामों में व्यस्थ थी, क्या आम जनता की जान की कोई किमत नहीं?

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जानें क्या हुआ था?

बिहारशरीफ के मघड़ा स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार को भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत मॉडल अस्पताल, बिहारशरीफ में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

क्यों उमड़ी थी भारी भीड़?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, चैत्र मास के मंगलवार को शीतला माता की पूजा का विशेष महत्व होता है। आज इस महीने का अंतिम मंगलवार था, जिसे स्थानीय लोग बहुत शुभ मानते हैं। इस दिन बिहारशरीफ और आसपास के जिलों (जैसे नवादा और शेखपुरा) से हजारों श्रद्धालु जल चढ़ाने और पूजा करने पहुंचते हैं। मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि आखिरी मंगलवार होने की वजह से सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटी हुई थी। इसी बीच अचानक किसी तरह की अफवाह फैल गई, और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोग संभल नहीं पाए और कई लोग गिर पड़े। हालात ऐसे हो गए कि लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़ते चले गए। जब तक हालात काबू में आते, तब तक कई लोगों की जान जा चुकी थी।

प्रशासनिक विफलता

त्योहारों और मंगलवार के मेलों में पूरा परिवार साथ आता है, जिससे भगदड़ के समय बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। लोग अपने परिवार वालों को ढूंढते नजर आए। ज्यादातर श्रद्धालु अपने परिवार के साथ आए थे, जिसमें बच्चों की संख्या भी काफी थी। करीब एक घंटे तक लोग अपने अपनों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। मिली जानकारी के अनुसार आज राष्ट्रपति का दौरा भी था। प्रशासन का ध्यान राष्ट्रपति की सुरक्षा पर था, उस समय की प्रशासनिक विफलता और प्राथमिकताओं पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और हालात को नियंत्रित किया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर भगदड़ की वजह क्या रही।

राष्ट्रपति के दौरे के बीच हुआ हादसा

ध्यान देने वाली बात ये है कि आज ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) का नालंदा (Nalanda) दौरा भी था, जिसकी तैयारियों में पूरा प्रशासनिक अमला व्यस्त था। इसी दौरान यह बड़ा हादसा हो गया, जिससे प्रशासन भी सकते में आ गया।

मुआवजे का किया ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। इस लापरवाही के आरोप में दीपनगर थानाध्यक्ष को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है और बिहार सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 6 लाख और केंद्र सरकार ने PMNRF (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) से  2 लाख के मुआवजे का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री (PM) ने घायलों के लिए 50,000 की अलग से सहायता राशि की भी घोषणा की है, साथ ही उन्होंने घायलों के लिए पूरा इलाज मुफ्त और बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने जताया शोक

बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार (Dr. Prem Kumar) ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है, साथ ही घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। नालंदा का यह हादसा एक बार फिर बताता है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और व्यवस्था कितनी जरूरी है। एक छोटी सी अफवाह कैसे बड़ी त्रासदी में बदल जाती है, यह इस घटना में साफ देखा गया।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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