LPG Cylinder Price Hike: कहते थे ‘दाल-रोटी’ गरीब का सहारा है, पर आज महंगाई ने उस सहारे को भी छीन लिया है। आलम यह है कि थाली से दाल गायब हो रही है और अगर कहते थे ‘दाल-रोटी’ गरीब का सहारा है, पर आज बेतहाशा महंगाई ने उस सहारे को भी छीन लिया है। आलम यह है कि थाली से दाल पहले ही गायब हो रही थी, और अब अगर गरीब जैसे-तैसे दाल जुटा भी ले, तो उसे पकाए कैसे? रसोई गैस की कीमतें अब आसमान छू रही हैं।
नई किमतों ने तोड़ी आम आदमी की कमर
देशभर में शनिवार 7 मार्च से घरेलू एलपीजी सिलेंडर में 60 की ताज़ा बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट की कमर तोड़ दी है। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी 115 बढ़ गए हैं, जिससे अब बाहर का खाना भी महंगा होना तय है। जैसे-तैसे दाल जुटा भी ले, तो उसे पकाए कैसे? रसोई गैस की कीमतें अब आसमान छू रही हैं। 60 की ताज़ा बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट की कमर तोड़ कर रख दी है।
नई कीमतों के बाद दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है। मुंबई में यह कीमत 852.50 रुपये से बढ़कर 912.50 रुपये हो गई है। वहीं कोलकाता में सिलेंडर 879 रुपये से बढ़कर 930 रुपये का हो गया है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये हो गई है। ये नए रेट आज से ही लागू कर दिए गए हैं।
व्यापारियों को बड़ा झटका
कमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 1768.50 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये हो गई है। कोलकाता में यह 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये और चेन्नई में 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गया है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अप्रैल 2025 से स्थिर थी। उस समय दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 853 रुपये थी। अब करीब एक साल बाद इसमें बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ कमर्शियल इस्तेमाल करने वालों पर भी असर पड़ेगा।
इंडियन ऑयल ने लोगों से की अपील
इस बीच देश में फ्यूल सप्लाई को लेकर उठ रही चिंताओं पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को सस्ता और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है और इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है।
वहीं Indian Oil Corporation ने भी सोशल मीडिया पर फैल रही पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरों को गलत बताया है। कंपनी का कहना है कि देश में फ्यूल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई व डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पूरी तरह सामान्य तरीके से काम कर रहा है। इंडियन ऑयल ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
सप्लाई बढ़ाने की भी तैयारी
सरकारी सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सप्लाई प्रभावित होने की आशंकाओं के बावजूद भारत में कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और एलपीजी की स्थिति सामान्य है। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर दूसरे क्षेत्रों से सप्लाई बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने क्रूड ऑयल इंपोर्ट के स्रोतों में विविधता लाई है। 2022 से भारत रूस से भी बड़े पैमाने पर कच्चा तेल आयात कर रहा है। फरवरी के आंकड़ों के मुताबिक भारत ने रूस से करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल आयात किया, जो लगभग 1.04 मिलियन बैरल प्रति दिन है। एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने सभी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार देश में फिलहाल एलपीजी का स्टॉक पर्याप्त है और स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
