Jewar Airport: नोएडा वालों के लिए अब दिल्ली का जाम और आईजीआई (IGI) की लंबी कतारें बीते दौर की बात होने वाली हैं। जेवर एयरपोर्ट के रूप में यूपी को अपना नया इंटरनेशनल गेटवे मिलने जा रहा है, जिससे नोएडा और वेस्ट यूपी के करोड़ों लोगों का सफर न केवल आसान होगा, बल्कि काफी समय भी बचेगा। अब नोएडा के लोगों को फ्लाइट पकड़ने के लिए गाजियाबाद या दिल्ली के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गौतम बुद्ध नगर के जेवर में बन रहे Noida International Airport के संचालन का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। 6 मार्च 2026 को एयरपोर्ट को नागरिक उड्डयन सुरक्षा की निगरानी करने वाली एजेंसी BCAS से अंतिम सुरक्षा मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद अब केवल DGCA के लाइसेंस का इंतजार है, जिसके बाद इसी महीने मार्च 2026 में इसके उद्घाटन की प्रबल संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक अब केवल कुछ अंतिम औपचारिकताएं बची हैं। अगर सब कुछ तय समय पर पूरा हो गया तो मार्च के आखिरी दिनों में एयरपोर्ट का उद्घाटन भी किया जा सकता है। मार्च के आखिरी दिनों के साथ उड़ानों का इंतज़ार खत्म होने वाला है।
अब डीजीसीए की अंतिम जांच बाकी
सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद अब बारी है Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की अंतिम जांच की। डीजीसीए की टीम एयरपोर्ट का पूरा निरीक्षण करेगी। इसमें रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी सिस्टम और अन्य तकनीकी सुविधाओं की जांच की जाएगी। अगर निरीक्षण में सब कुछ सही पाया गया तो डीजीसीए एयरपोर्ट को एयरोड्रोम लाइसेंस जारी कर देगा। इसके बाद यहां से व्यावसायिक उड़ानों के संचालन की आधिकारिक अनुमति मिल जाएगी।
पहले चरण में 3300 एकड़ में बना एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण करीब 1334 हेक्टेयर यानी लगभग 3300 एकड़ जमीन पर किया जा रहा है। यह भारत की सबसे बड़ी एविएशन परियोजनाओं में से एक है। पूरी तरह विकसित होने के बाद एयरपोर्ट का क्षेत्रफल करीब 13,000 एकड़ से ज्यादा हो जाएगा। इस परियोजना को कुल चार चरणों में तैयार किया जाएगा। पहले चरण में एक रनवे और टर्मिनल बिल्डिंग से उड़ानों का संचालन शुरू होगा। आगे चलकर यहां 5 से 6 रनवे तक बनाए जाने की योजना है।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
एयरपोर्ट शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। खासकर Noida, Greater Noida, Bulandshahr, Aligarh, Mathura, Agra, Hapur और Ghaziabad जैसे इलाकों के लोगों के लिए हवाई यात्रा आसान हो जाएगी। अभी इन क्षेत्रों के लोगों को उड़ान पकड़ने के लिए Indira Gandhi International Airport जाना पड़ता है। जेवर एयरपोर्ट शुरू होने से दिल्ली एयरपोर्ट पर भी दबाव कम होगा।
व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से पूरे इलाके में आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब और कई व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इससे हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही विदेशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बड़ा फायदा होगा।
मार्च के अंत में हो सकता है उद्घाटन
अधिकारियों का कहना है कि अगर डीजीसीए की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाती है तो मार्च के आखिरी दिनों में प्रधानमंत्री Narendra Modi इस एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते हैं। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें संचालित होंगी। जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। शुरुआती चरण में घरेलू उड़ानों और कार्गो पर ज्यादा फोकस रहेगा, जिसके बाद इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू होंगी।
