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Iran-Venezuela crisis: ईरान और वेनेजुएला संकट के बीच भारत सतर्क, विदेश मंत्रालय ने जारी की सख्त ट्रैवल एडवाइजरी

Nandani | Nedrick News

Published: 06 Jan 2026, 01:16 PM | Updated: 06 Jan 2026, 01:16 PM

Iran-Venezuela crisis: पश्चिम एशिया में ईरान और दक्षिण अमेरिका में वेनेजुएला में चल रहे राजनीतिक और सामाजिक संकट ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। इन हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए दोनों देशों के लिए अलग-अलग ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ तौर पर कहा है कि भारतीय नागरिक गैर-जरूरी यात्रा से बचें और जो लोग वहां पहले से मौजूद हैं, वे पूरी सावधानी बरतें।

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ईरान में क्यों बिगड़े हालात? (Iran-Venezuela crisis)

ईरान में मौजूदा संकट की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को हुई, जब तेहरान के ग्रैंड बाजार में दुकानदारों ने हड़ताल कर दी। इसकी वजह थी ईरान की मुद्रा रियाल में लगातार गिरावट, महंगाई का 40 से 50 प्रतिशत तक पहुंच जाना और रोजमर्रा की चीजों के दामों में भारी उछाल। देखते ही देखते गुस्सा सड़कों पर आ गया।

शुरुआत में ये आंदोलन आर्थिक मांगों तक सीमित था, लेकिन कुछ ही दिनों में इसका रुख बदल गया। कई शहरों में इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ नारे लगे और सत्ता परिवर्तन जैसी मांगें भी उठने लगीं। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रदर्शन ईरान के 31 में से 22 प्रांतों और दर्जनों शहरों तक फैल चुका है। खासतौर पर छोटे और मध्यम शहरों में हालात ज्यादा तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं।

सरकारी कार्रवाई और बढ़ता तनाव

प्रदर्शनों को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों की सख्ती भी सामने आई है। अलग-अलग रिपोर्ट्स में 20 से 35 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों की गिरफ्तारी की बात कही गई है। सरकार ने कुछ इलाकों में छुट्टियां घोषित की हैं और बातचीत का संकेत भी दिया है, लेकिन इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती बरकरार है।

ईरान में कितने भारतीय और कहां रहते हैं?

विदेश मंत्रालय के पुराने आंकड़ों के अनुसार पहले ईरान में करीब 4,000 से 4,190 भारतीय नागरिक रहते थे, जिनमें NRIs और PIOs शामिल थे। हालांकि 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह संख्या बढ़कर लगभग 10,765 तक पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर लोग व्यापारी, शिक्षाविद् और प्रोफेशनल्स हैं, जो मुख्य रूप से तेहरान और जाहेदान में रहते हैं।

जनवरी 2026 में जारी ताजा एडवाइजरी में MEA ने भारतीयों से साफ कहा है कि वे गैर-जरूरी यात्रा पूरी तरह टालें, प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें, भारतीय दूतावास में अपना रजिस्ट्रेशन कराएं और दूतावास की वेबसाइट व सोशल मीडिया अपडेट्स पर लगातार नजर रखें।

वेनेजुएला में भी सतर्कता जरूरी

दक्षिण अमेरिका के वेनेजुएला में भी राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक वहां भारतीय समुदाय बहुत छोटा है। कुल मिलाकर करीब 80 भारतीय 50 NRIs और 30 PIOs वेनेजुएला में रहते हैं। यह समुदाय ज्यादातर राजधानी काराकास में केंद्रित है और अधिकतर लोग व्यापार और तेल-गैस सेक्टर से जुड़े हुए हैं।

MEA ने वेनेजुएला के लिए भी गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी है। वहां मौजूद भारतीयों से कहा गया है कि वे बेहद सावधानी बरतें, अपनी आवाजाही सीमित रखें और काराकास स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहें।

स्थिति पर सरकार की कड़ी नजर

भारत सरकार दोनों देशों के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर आगे और निर्देश जारी किए जाएंगे। भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय खबरों पर ध्यान दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास से संपर्क करें। ईरान और वेनेजुएला में जारी संकट के बीच भारत की यह सख्त ट्रैवल एडवाइजरी अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

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