Iran President Masoud Pezeshkian: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय राजनीति को लेकर एक बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय सिर्फ किसी एक देश से नहीं, बल्कि अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों के साथ एक “बड़े पैमाने की जंग” में उलझा हुआ है। पेजेशकियन का कहना है कि पश्चिमी देशों का मौजूदा दबाव अभियान 1980 के दशक में हुए ईरान-इराक युद्ध से भी ज्यादा खतरनाक और जटिल हो चुका है।
उनका यह बयान ऐसे वक्त पर सामने आया है, जब इजरायल अमेरिका को एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार करने की कोशिशों में जुटा हुआ है।
“अब जंग सिर्फ मैदान में नहीं, हर मोर्चे पर है” (Iran President Masoud Pezeshkian)
ईरान के सर्वोच्च नेता की आधिकारिक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा, “मेरे हिसाब से हम अमेरिका, इजरायल और यूरोप के साथ एक सर्वांगीण युद्ध लड़ रहे हैं। ये ताकतें नहीं चाहतीं कि ईरान अपने पैरों पर खड़ा हो और आत्मनिर्भर बने।”
उन्होंने ईरान-इराक युद्ध को याद करते हुए कहा कि उस दौर में हालात ज्यादा साफ थे। उन्होंने आगे कहा, “तब मिसाइलें चलती थीं और पता होता था कि हमला कहां से हुआ और जवाब कहां देना है। लेकिन आज की लड़ाई बिल्कुल अलग है। अब हमें हर दिशा से घेरने की कोशिश हो रही है।”
सैन्य ही नहीं, आर्थिक और राजनीतिक दबाव भी
पेजेशकियन के मुताबिक मौजूदा टकराव सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान को आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े हर क्षेत्र में दबाव झेलना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा, “हम पर लगातार पाबंदियां लगाई जा रही हैं, अंदरूनी हालात को अस्थिर करने की कोशिशें हो रही हैं और हर दिन कोई न कोई नई चुनौती खड़ी की जा रही है।”
नेतन्याहू-ट्रंप बैठक पर टिकी नजरें
इसी बीच खबर है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जल्द ही अमेरिका दौरे पर जाने वाले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक में ईरान के खिलाफ भविष्य की संभावित सैन्य रणनीतियों पर चर्चा कर सकते हैं।
पश्चिमी मीडिया का यह भी दावा है कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन ढांचे को फिर से मजबूत कर रहा है और जून में हुए संघर्ष के दौरान नुकसान झेल चुके एयर डिफेंस सिस्टम की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।
मिसाइल अभ्यास को लेकर बढ़ी चिंता
इजरायल ने अमेरिका को यह जानकारी भी दी है कि हाल ही में हुए ईरानी मिसाइल अभ्यास किसी बड़े हमले की तैयारी का संकेत हो सकते हैं। इजरायली सेना प्रमुख ने इस आशंका को सीधे अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख के सामने रखा है, जिससे वॉशिंगटन और तेल अवीव दोनों की चिंता बढ़ गई है।
“12 दिनों की जंग के बाद हम और मजबूत हुए”
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने दावा किया कि इजरायल के साथ हुई 12 दिनों की जंग के बाद ईरान पहले से ज्यादा मजबूत बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, “चाहे उपकरण हों या मानव संसाधन, दोनों ही मामलों में हमारी ताकत बढ़ी है। अगर दुश्मन फिर से टकराव का रास्ता चुनता है, तो उसे पहले से कहीं ज्यादा सख्त जवाब मिलेगा।”
गौरतलब है कि जून में इजरायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले और गुप्त ऑपरेशन किए थे, जिनमें एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे। बाद में अमेरिका भी इस टकराव में कूद पड़ा और उसने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी।
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