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Iran vs America: ईरान की जेल में कौन हैं वो 8 लोग जिन्हें ट्रंप आजाद कराना चाहते हैं? दी सख्त चेतावनी!

Nandani | Nedrick News

Published: 14 Jan 2026, 02:58 PM | Updated: 14 Jan 2026, 02:58 PM

Iran vs America: ईरान में पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन तेज़ी पकड़ चुके हैं और अब हिंसक रूप ले चुके हैं। देशभर में सड़कों पर उतरने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनों में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। शुरू में महंगाई और रोजमर्रा की चीज़ों की बढ़ती कीमतों के खिलाफ शुरू हुए विरोध अब राजनीतिक स्वरूप ले चुके हैं और ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के शासन के खिलाफ बदल गए हैं।

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अमेरिका की चेतावनी और राजनीतिक कैदियों की मांग (Iran vs America)

अमेरिका ने ईरान सरकार को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती जारी रही तो सैन्य कार्रवाई के विकल्प से पीछे नहीं हटेगा। अमेरिकी प्रशासन ने यह भी कहा कि राजनीतिक कैदियों की रिहाई को लेकर वे गंभीर हैं। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा करने की कोशिश के मामले में कार्रवाई की थी, जिससे ईरान में अमेरिकी धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है।

ट्विटर पर संदेश, 8 प्रमुख कैदियों की जानकारी

अमेरिका ने अपने आधिकारिक फारसी ट्विटर अकाउंट से ईरान को स्पष्ट संदेश दिया कि “हम प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा पर चिंता जता रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं कि हम उन राजनीतिक कैदियों को भूल गए हैं जिन्हें विरोध प्रदर्शन शुरू होने से पहले जेल में डाल दिया गया था।” ट्वीट में ईरान की जेल में बंद आठ प्रमुख राजनीतिक कैदियों के नाम भी साझा किए गए हैं:

कैदियों का परिचय

नरगिस मोहम्मदी – 53 वर्षीय महिला अधिकार कार्यकर्ता, डिफेंडर्स ऑफ ह्यूमन राइट्स सेंटर की उप-निदेशक। महिलाओं के अधिकार, मृत्युदंड और भ्रष्टाचार के खिलाफ सक्रिय। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता। वर्तमान में तेहरान की एविन जेल में बंद।

सपीदेह गोलियान – महिला अधिकार कार्यकर्ता और फ्रीलांस जर्नलिस्ट। हड़तालरत श्रमिकों का समर्थन करने पर 2018 और 2025 में गिरफ्तार।

जवाद अली-कोर्दी – मानवाधिकार वकील और यूनिवर्सिटी लेक्चरर। 12 दिसंबर 2025 को ऑफिस से गिरफ्तार। राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप।

पूरान नाजेमी – करमान प्रांत की नागरिक अधिकार कार्यकर्ता, नरगिस मोहम्मदी के साथ गिरफ्तार।

रजा खंदान – मानवाधिकार कार्यकर्ता और ग्राफिक डिजाइनर। हिजाब आंदोलन और मौत की सजा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए कई बार जेल जा चुके हैं।

मजीद तवक्कोली – स्टूडेंट नेता, मानवाधिकार कार्यकर्ता। छात्रों के समर्थन में सरकार की आलोचना के कारण 2009 से जेल में।

शरीफेह मोहम्मदी – सामाजिक कार्यकर्ता। महसा अमीनी की मौत के बाद हिजाब विरोधी आंदोलनों में भाग लेने पर 2023 में गिरफ्तार, 2024 में उन्हें मौत की सजा।

हुसैन रोनागी – ब्लॉगर और इंटरनेट स्वतंत्रता समर्थक। कई बार जेल में रहे, वर्तमान में स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद हिरासत में।

वैश्विक चिंता और दबाव

इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठन लगातार ईरान से इन कैदियों की रिहाई की अपील कर रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि फांसी का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों को डराने और आंदोलन को दबाने के लिए किया जा रहा है।

ईरान में इन प्रदर्शनों की हिंसक स्थिति और राजनीतिक कैदियों के खिलाफ कड़े कदमों ने देश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों को लेकर सवालों को फिर से उजागर कर दिया है। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि ईरान सरकार भविष्य में किस तरह प्रतिक्रिया देती है।

और पढ़ें: Iran vs USA Conflict: जनता का गुस्सा, इस्लामिक क्रांति और अमेरिका का खौफ! 47 साल पुरानी ईरान-यूएस की दुश्मनी की कहानी

Nandani

nandani@nedricknews.com

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