Indore Water Crisis: देश का सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पीने के पानी ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। शहर के कई इलाकों में उल्टी-दस्त की महामारी फैलने से अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1400 से ज्यादा लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इस घटना ने पूरे इंदौर को झकझोर कर रख दिया है। लगातार आठ साल तक स्वच्छता में नंबर वन रहने वाले शहर में इस तरह की लापरवाही सामने आने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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दूषित पानी बना बीमारी की जड़ (Indore Water Crisis)
स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि बीमारी फैलने की सबसे बड़ी वजह पीने के पानी का दूषित होना है। इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी के मुताबिक, भागीरथपुरा इलाके में पानी की मुख्य पाइपलाइन में रिसाव पाया गया है। इसी रिसाव की वजह से सीवर का गंदा पानी पीने की सप्लाई में मिल गया। बताया जा रहा है कि जिस जगह पाइपलाइन लीक हुई, उसके ऊपर शौचालय बना हुआ था, जिससे पानी और ज्यादा दूषित हो गया।
इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं – और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया।
लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 2, 2026
भागीरथपुरा से शुरू हुई महामारी
लैब रिपोर्ट से यह भी पुष्टि हुई है कि महामारी की शुरुआत भागीरथपुरा इलाके से ही हुई। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाके के 1714 घरों का सर्वे किया, जिसमें 8571 लोगों की जांच की गई। इनमें से 338 लोगों में उल्टी-दस्त के हल्के लक्षण मिले, जिन्हें घर पर ही इलाज दिया गया। बीते आठ दिनों में 272 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 71 को छुट्टी मिल चुकी है। फिलहाल 201 मरीजों का इलाज जारी है, जबकि 32 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि इंदौर में “पानी नहीं, जहर बांटा गया” और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोता रहा। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब लोग लगातार बदबूदार और गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, तो समय रहते सप्लाई क्यों नहीं रोकी गई। उन्होंने पूछा कि सीवर का पानी पीने की लाइन में कैसे मिला और इसके लिए जिम्मेदार अफसरों व नेताओं पर कार्रवाई कब होगी।
‘मध्य प्रदेश कुप्रशासन का एपिसेंटर’
राहुल गांधी ने आगे कहा कि साफ पानी कोई एहसान नहीं बल्कि हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अधिकार की अनदेखी के लिए बीजेपी का “डबल इंजन” और संवेदनहीन प्रशासन जिम्मेदार है। राहुल ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का केंद्र बन चुका है, जहां कभी खांसी की सिरप से मौतें होती हैं, कभी अस्पतालों में लापरवाही से जानें जाती हैं और अब दूषित पानी पीने से लोग मर रहे हैं।
प्रशासन पर बढ़ता दबाव
इंदौर में बढ़ते मामलों और मौतों के बाद प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी टल सकती थी। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस मामले में जिम्मेदारी तय कर ठोस कार्रवाई कब और कैसे करते हैं।






























