India Bans Chinese CCTV: अगर आप अपने घर या ऑफिस के लिए CCTV कैमरा खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हाल के दिनों में भारत में CCTV सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ कैमरों का डेटा देश के बाहर जा सकता है और संवेदनशील फुटेज पाकिस्तान और चीन तक पहुंचने की भी खबरें आई हैं। इस मामले ने सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ ही सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है।
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Hikvision और TP-Link पर सरकार की नजर| India Bans Chinese CCTV
खबरों के अनुसार, सरकार ने कुछ नेटवर्क डिवाइस और कैमरों जैसे Hikvision और TP-Link पर कड़ी नजर रखना शुरू कर दी है। हालांकि फिलहाल हर डिवाइस पर बैन नहीं लगाया गया है, लेकिन सरकार उन प्रोडक्ट्स पर ध्यान दे रही है जो डेटा सुरक्षा के लिहाज से जोखिम पैदा कर सकते हैं। Hikvision चीन की कंपनी है और इस पर चीन सरकार का भी कंट्रोल है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसके सर्विलांस टूल से जासूसी होती है, तो यह आश्चर्यजनक नहीं होगा।
वहीं, TP-Link को अमेरिकी कंपनी के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन इसका Wikipedia पेज स्पष्ट करता है कि यह मूलतः चीनी कंपनी है। TP-Link ने बताया कि भारत में बिकने वाले प्रोडक्ट्स TP-Link US के तहत आते हैं। कंपनी ने इस मामले पर आधिकारिक स्टेटमेंट देने का आश्वासन भी दिया है, जिसे मिलते ही अपडेट किया जाएगा।
भारत में CCTV का बढ़ता बाजार
देश में CCTV कैमरों का बाजार तेजी से बढ़ा है। घर, दुकानों और ऑफिसों में करोड़ों कैमरे लगे हुए हैं। इनमें से एक बड़ा हिस्सा Hikvision जैसे ब्रांड का है। इसका मुख्य कारण यह है कि ये कैमरे सस्ते और आसानी से उपलब्ध हैं। लेकिन सस्ते होने का मतलब यह नहीं कि ये पूरी तरह सुरक्षित हैं।
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ विदेशी CCTV सिस्टम में ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो फुटेज को क्लाउड सर्वर पर भेज देता है। अगर यह सर्वर भारत के बाहर है, तो डेटा पर नियंत्रण भी बाहर जा सकता है। अमेरिका और अन्य देशों में पहले भी Hikvision की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ चुके हैं। आरोप यह भी लगे कि कंपनी का लिंक चीनी सरकारी संस्थाओं से है। हालांकि कंपनी हमेशा इन आरोपों को खारिज करती रही है।
डेटा लीक के खतरे
यह समझना जरूरी है कि हर कैमरा अपने आप डेटा लीक नहीं करता। लेकिन अगर डिवाइस का फर्मवेयर कमजोर है या डिफॉल्ट सेटिंग्स सुरक्षित नहीं हैं, तो हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है। कई बार देखा गया है कि लोग कैमरा लगाते हैं लेकिन उसका पासवर्ड बदलना भूल जाते हैं। ऐसे में कोई भी आसानी से दूर से कैमरे को एक्सेस कर सकता है।
सुरक्षित CCTV चुनने के लिए जरूरी उपाय
- भरोसेमंद और सर्टिफाइड ब्रांड
हमेशा भरोसेमंद और सर्टिफाइड ब्रांड चुनें। BIS या सरकार के तय मानकों को पूरा करने वाले डिवाइस ही खरीदें। अनजान या लोकल ब्रांड से बचें, चाहे वह सस्ता ही क्यों न हो। आम तौर पर सस्ते कैमरे चीन से आयात करके यहां कुछ कंपनियां अपने स्टिकर लगाकर बेचती हैं।
- डेटा लोकल स्टोरेज में रखें
कैमरा ऐसा हो जिसमें डेटा लोकल स्टोरेज या आपके खुद के सर्वर पर सुरक्षित हो। क्लाउड स्टोरेज का इस्तेमाल करते समय यह देखना जरूरी है कि सर्वर किस देश में है। हार्ड ड्राइव में डेटा सेव करना और क्लाउड बैकअप बंद रखना सुरक्षा बढ़ा सकता है।
- सेटिंग्स बदलें
कैमरा लगाने के बाद डिफॉल्ट यूजरनेम और पासवर्ड बदलें। मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और समय-समय पर अपडेट करें। टेक्नीशियन द्वारा दिए गए पासवर्ड को तुरंत बदलें और उनका अकाउंट से अपना कैमरा हटा दें।
- फर्मवेयर अपडेट करें
कैमरे का सॉफ्टवेयर नियमित रूप से अपडेट करते रहें। कंपनियां समय-समय पर सुरक्षा अपडेट देती हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे हम अपने स्मार्टफोन को अपडेट करते हैं, वैसे ही CCTV कैमरे को भी अपडेट करना जरूरी है।
- मजबूत पासवर्ड का उपयोग
कैमरे का पासवर्ड मजबूत और जटिल रखें। इसमें बड़े और छोटे अक्षर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर शामिल करें। समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें।
TP-Link और Hikvision उपयोगकर्ताओं के लिए क्या करें
अगर आपके घर या ऑफिस में TP-Link या Hikvision कैमरे लगे हैं, तो फिलहाल सरकार की तरफ से कोई क्लियर गाइडलाइन नहीं आई है। संभावना है कि आने वाले समय में सुरक्षा के मद्देनजर एडवाइजरी या गाइडलाइन जारी की जा सकती है। हाल ही में सरकारी दफ्तरों में CCTV कैमरों की खरीद को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं।
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