IIT Kanpur Student Suicide: IIT कानपुर में मंगलवार दोपहर एक रिसर्च स्कॉलर रामस्वरूप ईशराम (25) ने अपने हॉस्टल की छठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। रामस्वरूप राजस्थान के चुरू जिले के रहने वाले थे और अर्थ साइंसेज विभाग में पीएचडी कर रहे थे। वह पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव और एंग्जाइटी के शिकार थे।
रामस्वरूप अपने परिवार के साथ कैंपस में रहते थे। उनकी पत्नी और तीन साल की बेटी भी कैंपस में थीं। घटना के समय रामस्वरूप अकेले थे। सुरक्षा गार्डों ने उन्हें तुरंत नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
IIT कानपुर में लगातार हो रही आत्महत्याएं (IIT Kanpur Student Suicide)
आईआईटी कानपुर में यह 2023 से नौवीं आत्महत्या की घटना है। इससे पहले फरवरी 2025 में पीएचडी छात्र अंकित यादव, अक्टूबर 2025 में बीटेक छात्र धीरज सैनी और दिसंबर 2025 में बीटेक छात्र जय सिंह मीणा ने अपनी जान दी थी। इन लगातार घटनाओं ने संस्थान की मानसिक स्वास्थ्य नीतियों और छात्र सहायता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के समय की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, रामस्वरूप पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव में थे और उनका उपचार चल रहा था। उनके कमरे से तीन देशी तमंचे बरामद हुए हैं, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि यह आत्महत्या का मामला है।
आईआईटी प्रशासन ने कहा कि रामस्वरूप एक प्रतिबद्ध शोधार्थी थे और उनकी मौत से संस्थान शोक में है। पुलिस ने सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में लिए और राजस्थान में परिवार को घटना की जानकारी दे दी है।
छात्रों में नाराजगी और प्रदर्शन
रामस्वरूप की आत्महत्या के बाद कैंपस में छात्रों में गुस्सा और नाराजगी देखी गई। छात्रों ने जनरल बॉडी मीटिंग बुलाई और एसोसिएशन के डीन के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि पिछले दो साल में नौ छात्रों की जान जा चुकी है, लेकिन संस्थान ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए।
मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
मानवाधिकार आयोग ने IIT कानपुर से 22 जनवरी तक जवाब मांगा है। आयोग ने दिसंबर 2025 में हुई आत्महत्या के मामले को भी इस याचिका में शामिल करने का निर्देश दिया है।
IIT प्रशासन की प्रतिक्रिया
IIT प्रशासन ने बताया कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। मेंटल वेलनेस सेंटर में काउंसलरों की संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई है। ओपन हाउस सत्र और काउंसलिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लगातार आत्महत्याओं ने संस्थान की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रामस्वरूप की मौत के बाद कैंपस में गहरा शोक और तनाव है। छात्र प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं संस्थान ने मामले की गंभीरता से जांच का आश्वासन दिया है।





























