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जानिए क्या है IIM संशोधन बिल, इससे जुड़ी एक एक बात यहां जानिए

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 09 Aug 2023, 12:00 AM | Updated: 09 Aug 2023, 12:00 AM

IIM Amandment Bill Details in Hindi – भारतीय राष्ट्रपति पहले से ही IIT, NIT और कई महत्वपूर्ण संस्थानो के विजिटर हैं. राष्ट्रपति के पास इन संस्थानों के कामकाज की समीक्षा करना, प्रावधानों व उद्दश्यो के अनुसार कार्य ना होने पर जांच के आदेश देने आदि का अधिकार है. इसी बीच अब लोकसभा और राज्य सभा में विपक्षी दलों के भारी विरोध के बीच IIM संशोधन बिल 2023 पास हो गया है. IIM अधिनियम 2017 को संशोधित करते हुए अब सरकार ने राष्ट्रपति को IIM का विजिटर बनाया है और इसके साथ ही IIM के काम को ऑडिट करने, किसी भी तरह के जांच का आदेश देने और निदेशकों को नियुक्त करने का अधिकार अब राष्ट्रपति के पास आ गया है. देश के सभी महत्वपूर्ण संस्थानों के विजिटर अब राष्ट्रपति बन गए हैं/गयी हैं. आइए जानते हैं कि आखिर IIM संशोधन बिल 2023 आखिर है क्या और इसके पीछे सरकार का उद्देश्य क्या है.

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IIM संशोधन बिल क्या है ?

दरअसल, IIM बिल यानी भारतीय प्रबंधन संस्थान अधिनियम, राष्ट्रपति की सहमति पर 2017 में पास किया गया और 2018 में लागू किया गया. इस अधिनियम के लागू होने के बाद भारतीय प्रबंधन संस्थानों को राष्ट्रीय संस्थानों का महत्व दिया गया और IIM के अंतर्गत आने वाले संस्थानों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में डिग्री देने का अधिकार मिल गया. इससे पहले यह संस्थान सिर्फ सर्टिफिकेट व डिप्लोमा पाठ्यक्रम ही कराते थे. इस बिल के अनुसार पहले डायरेक्टर की नियुक्ति बोर्ड ऑफ गर्वनर की टीम के द्वारा की जाती थी, जिससे सरकार के पास अधिकार सिर्फ सिमित थे. लेकिन अब इस बिल में संशोधन करने के लिए यह बिल 28 जुलाई को लोकसभा में पेश किया गया था. लोकसभा से पास होने के बाद 4 अगस्त को यह बिल राज्यसभा में भी पास हो गया.

अब इस विधेयक में 10 धाराओं को जोड़ दिया गया है, जिसमें धारा 10 (A)1 के अनुसार राष्ट्रपति सभी संस्थानो के विजटर होंगे और राष्ट्रपति के पास डायरेक्टर की नियुक्ति करने व हटाने की अहम भूमिका होगी. साथ ही उनके पास जांच करने और ऑडिट करने का अधिकार भी होगा. अब डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए राष्ट्रपति की अनुमति लेनी होगी. राष्ट्रपति को सिर्फ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी का अधिकार दिया गया है, जबकि अकादमिक जिम्मेदारी का अधिकार अभी भी सिर्फ संस्थानो के पास ही है. यदि राष्ट्रपति को लगता है कि IIM के कार्य दिये गए प्रावधानों के अनुसार नहीं हो रहे हैं तो वह जांच के लिए सिफारिश कर सकते हैं.

इस संशोधन से क्या क्या बदल जाएगा

IIM 2023 संशोधन विधेयक (IIM Amandment Bill Details) में धारा 17 को भी हटा दिया गया है. धारा 17 के तहत, IIM को किसी भी कार्य की जांच करने का अधिकार प्राप्त था और यह जांच हाई कोर्ट के रिटार्यड जज करते थे, जिसके बाद बोर्ड फैसला लेता था. लेकिन अब इस धारा को ही संशोधित कर दिया गया है. विपक्षी दलों की ओर से IIM बिल पर कई सवाल उठाए गए. विपक्षियों ने विरोध करते हुए कहा कि केंद्र सरकार IIM की स्वायत्तता पर हस्तेक्षप कर रही है. इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से कहा गया कि राष्ट्रपति पहले से ही IIT और NIT के साथ ही कई महत्वपूर्ण संस्थानों की विजिटर हैं, तब कोई विरोध नहीं हुआ तो अब IIM का विजिटर बनाने पर विरोध करना गलत है. सरकार का IIM की स्वायत्तता पर हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है.

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