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Emerging Tech Conference 2025: AI वाला भारत, इमर्जिंग टेक कॉन्फ्रेंस 2025 में दिखा भारत का डिजिटल विजन

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 10 Oct 2025, 12:00 AM | Updated: 10 Oct 2025, 12:00 AM

Emerging Tech Conference 2025: 5 अक्टूबर 2025 को आईआईटी दिल्ली के डोगरा हॉल में एक ऐसा आयोजन हुआ, जिसने भारत के तकनीकी भविष्य की दिशा को न सिर्फ स्पष्ट किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि अगर हम उभरती तकनीकों को सही दिशा में उपयोग करें, तो भारत दुनिया के तकनीकी मानचित्र पर अग्रणी स्थान हासिल कर सकता है।
हम बात कर रहे हैं इमर्जिंग टेक कॉन्फ्रेंस 2025 की, जिसका आयोजन विजन एआई इंडिया, जो कि विजन आईएएस की टेक्नोलॉजी सहायक कंपनी है, ने किया। इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों पर गहन चर्चा हुई।

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तकनीक, नीति और नवाचार का संगम- Emerging Tech Conference 2025

इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था विजन एआई इंडिया द्वारा, जो कि प्रतिष्ठित संस्थान विजन आईएएस की तकनीकी शाखा है। इसका उद्देश्य था भारत को एक तकनीकी महाशक्ति के रूप में तैयार करने की दिशा में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों को एक मंच पर लाना, और उभरती तकनीकों पर एक व्यापक और व्यावहारिक चर्चा को आगे बढ़ाना।

Emerging Tech Conference 2025
Source: Google

इस सम्मेलन ने शिक्षा, शासन और उद्योग से जुड़े लोगों को एक साथ लाकर यह पड़ताल की कि कैसे तकनीक भारत के नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत कर सकती है और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में अपना योगदान दे सकती है।

प्रौद्योगिकियों का भविष्य पर प्रभाव

सम्मेलन में जोर देकर बताया गया कि ये तकनीकें कैसे भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की रीढ़ बन चुकी हैं:

  • AI अब केवल डेटा प्रोसेसिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डाटा-संचालित नीतियां, स्मार्ट प्रशासन और ऑटोमेशन से यह सरकारी कामकाज को नया रूप दे रहा है।
  • क्वांटम कंप्यूटिंग तेजी से सुरक्षित कंप्यूटेशन, डिफेंस रिसर्च और साइंटिफिक इनोवेशन के क्षेत्र में काम कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में मौलिक शोध का चेहरा बदल देगा।
  • ब्लॉकचेन पारदर्शिता और डिजिटल ट्रस्ट का आधार बनता जा रहा है, खासकर गवर्नेंस, बैंकिंग और रजिस्ट्रेशन जैसे सेक्टर्स में इसकी अहम भूमिका उभर रही है।
  • साइबर सुरक्षा अब केवल एक टेक्निकल टूल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की कुंजी बन चुकी है।

सम्मेलन के अहम बिंदु और चर्चाएं

इस कॉन्फ्रेंस में कई दिलचस्प सेशन्स आयोजित किए गए जिनमें विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा के प्रमुख विषय थे:

  • AI का प्रशासन में उपयोग और उसके प्रभाव
  • क्वांटम टेक्नोलॉजी में भारत की संभावनाएं
  • क्रिप्टोकरेंसी से आगे बढ़ते ब्लॉकचेन के प्रयोग
  • साइबर खतरों से निपटने की नई रणनीतियां

इन विषयों पर केवल तकनीकी पक्ष ही नहीं, बल्कि नीतिगत, सामाजिक और नैतिक पहलुओं पर भी चर्चा हुई।

साथ ही, डाटा प्रोटेक्शन, स्किल डेवलपमेंट, और शैक्षणिक व औद्योगिक साझेदारी जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।

इमर्जिंग टेक हैकथॉन: नवाचार की प्रयोगशाला

कॉन्फ्रेंस का सबसे आकर्षक पहलू रहा इमर्जिंग टेक हैकथॉन, जिसमें देशभर के युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में AI आधारित ऐसे समाधान पेश किए गए जो प्रशासन, पर्यावरणीय स्थिरता और उद्यमों के ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े जटिल मुद्दों को हल करने की क्षमता रखते हैं।

इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि भारत का युवा वर्ग अब केवल शिक्षा या नौकरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि समस्याओं का समाधान पेश करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

विशेष अतिथियों और वक्ताओं की मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण आयोजन में तकनीकी और शैक्षणिक जगत की कई बड़ी हस्तियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल थे:

  • Prof. Salim Beg, Prof. AP Singh, Prof. Nisha Kant Ojha, Dr. Noor, Er. Samanvay Sharma, Dr. Lakshmi Eshwari, और Er. Chetan Sharma।
  • इंडस्ट्री और सरकारी क्षेत्र से Er. Anand Khare (Advisor, DoT), Dr. Hari Babu Srivastava (DG TM, DRDO), Er. AK Mishra (Director, UPPCTL), और Er. Ayush Gupta (Director HR, GAIL) जैसे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
  • साथ ही, DRDO, CDoT, और CDAC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों की मौजूदगी ने आयोजन की गंभीरता और स्तर को और ऊंचा किया।
Emerging Tech Conference 2025
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विजन एआई इंडिया की सोच और मिशन

इस आयोजन की अगुवाई कर रहे अजय कुमार सिंह, जो कि विजन एआई इंडिया और विजन आईएएस के संस्थापक और निदेशक हैं, उन्होंने कहा:

“तकनीक को यदि सामाजिक भलाई, नैतिकता और विकास से जोड़ा जाए तभी उसका असली मूल्य सामने आता है। नवाचार सिर्फ लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए होना चाहिए।”

वहीं विजन एआई इंडिया के सलाहकार बोर्ड के चेयरमैन, कमेन्द्र कुमार, जिनके पास वैश्विक ICT सेक्टर में लगभग 40 वर्षों का अनुभव है, उन्होंने कहा:

“आज भारत तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है, बशर्ते हम युवाओं को मार्गदर्शन और स्टार्टअप्स को सहयोग दें। विजन एआई इंडिया इसी दिशा में काम कर रहा है — हाथ पकड़कर आगे बढ़ाने वाला एक प्लेटफॉर्म बनकर।”

विजन एआई इंडिया: एआई युग के लिए भारत की तैयारी

विजन एआई इंडिया की नींव विजन आईएएस की विश्वसनीय विरासत पर रखी गई है। इसका मुख्य फोकस है:

  • भारत को AI-संचालित भविष्य के लिए तैयार करना
  • गवर्नेंस, शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट में तकनीक को अपनाकर बदलाव लाना
  • सरकारों और संस्थानों के साथ मिलकर टेक-ड्रिवन समाधान तैयार करना

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