Yes Bank की शुरुआत करने वाले राणा कपूर पर ED की कार्रवाई, घर समेत कई अन्य ठिकानों पर की छापेमारी

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 07 Mar 2020, 12:00 AM | Updated: 07 Mar 2020, 12:00 AM

किसी समय में सबका चेहता बैंक आज बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है. कभी Yes बैंक के शेयर लगातर ऊंचाईयों को छू रहे थे, लेकिन अब वो धड़ाम हो गए हैं. 2004 में शुरू हुआ Yes बैंक की हालात काफी खराब हो गई. इतना ही नहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी Yes बैंक के ग्राहकों को झटका देते हुए इस पर वित्तीय पाबंदिया लगा दी है. 3 अप्रैल तक ग्राहक बैंक से सिर्फ 50 हजार रुपये ही निकाल पाएंगे.

हालांकि शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये आश्वासन दिया है कि 30 दिनों में Yes बैंक का पुनर्गठन किया जाएगा. बैंक को इस संकट के दौर बाहर निकालने का जिम्मा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पूर्व सीएफओ प्रशांत कुमार को सौंपा गया हैं.

ED ने कसा शिकंजा

वहीं इसी बीच Yes बैंक के फाउंडर राणा कपूर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को ED ने राणा कपूर के घर समेत कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी की. साथ ही बैंक के पूर्व CEO राणा कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया. ED ने राणा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है, जिसके बाद अब वो देश से बाहर नहीं जा सकेंगे.

शुक्रवार को की गई छापेमारी के दौरान ED ने Yes बैंक से जुड़े कुछ दस्तावेजों को खंगाला है, जिसकी जांच फिलहाल चल रही है. बता दें कि गुरुवार को वित्त मंत्रालय ने यस बैंक पर वित्तीय पाबंदी लगाई है. 3 अप्रैल तक बैंक के ग्राहक 50 हजार से ज्यादा पैसा नहीं निकाल पाएंगे.

राणा कपूर ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि वो पिछले 13 महीनों से सक्रिय नहीं है, इसलिए वो इस संकट के बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं. बता दें कि साल 2019 के नवंबर में Yes बैंक ने शेयर बाजार को ये बताया था कि राणा कपूर बोर्ड से पूरी तरह से एग्जिट कर चुके हैं.

लोन बांटने का है आरोप

कोई समय ऐसा था जब ये बैंक तेजी से ग्रोथ कर रहा था, लेकिन अब इसकी ये हालत देखकर हर कोई काफी हैरान है. दरअसल, बैंक के खस्ताहाल की वजह से लोन देना बताया जा रहा है. राणा कपूर पर ये आरोप है कि उन्होनें अपने निजी रिश्तों को देखते हुए लोन बांटे.

Yes बैंक ने अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, एस्सेल ग्रुप, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे कई ग्रूप्स को लोन बांटे हैं. बैंक की हालत तब ज्यादा खराब होनी शुरू हुई जब साल 2018 में राणा कपूर को बैलेंसशीट में गड़बड़ी के आरोप में RBI ने उन्हें चेयरमैन के पद से हटा दिया था.

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