ED Raid Mamata Banerjee Update: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। ईडी ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। I-PAC वही संस्था है जो लंबे समय से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभाती रही है।
किन ठिकानों पर हुई छापेमारी (ED Raid Mamata Banerjee Update)
ईडी की टीम गुरुवार तड़के सुबह दिल्ली से कोलकाता पहुंची। सुबह होते ही एक साथ दो जगहों पर छापेमारी शुरू की गई। पहली कार्रवाई I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर हुई, जो सेंट्रल और साउथ कोलकाता के बीच स्थित है। वहीं दूसरी टीम ने साल्ट लेक इलाके में स्थित I-PAC के पुराने ऑफिस में छापा मारा। यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर की गई।
I-PAC और TMC का पुराना रिश्ता
I-PAC पिछले कई सालों से पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ काम कर रहा है। पार्टी की चुनावी रणनीति, नारे, कैंपेन की दिशा और उम्मीदवारों के चयन में इस संगठन की भूमिका अहम मानी जाती है। 2014, 2019 और 2021 के चुनावों में I-PAC की रणनीति को TMC की सफलता से जोड़कर देखा गया। शुरुआत में इस संगठन से प्रशांत किशोर जुड़े थे, लेकिन उनके सक्रिय राजनीति में आने के बाद प्रतीक जैन ने इसकी जिम्मेदारी संभाली। हाल के वर्षों में TMC और I-PAC के बीच तालमेल और भी गहरा हुआ है।
छापेमारी के बीच ममता बनर्जी की एंट्री
जब ईडी की कार्रवाई चल रही थी, उस वक्त प्रतीक जैन अपने घर पर ही मौजूद थे। सुबह से जारी छापेमारी ने करीब 11:30 बजे के बाद नया मोड़ ले लिया। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर प्रतीक जैन के आवास पहुंचे। कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को हाई वोल्टेज ड्रामा में बदल दिया।
ED पर ममता बनर्जी के गंभीर आरोप
कुछ देर अंदर रहने के बाद जब ममता बनर्जी बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल नजर आई। इसके बाद उन्होंने ईडी की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह छापेमारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर कराई जा रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों की लिस्ट और अहम दस्तावेजों को “हाईजैक” करने की कोशिश कर रही है।
साल्ट लेक ऑफिस पहुंचीं मुख्यमंत्री
लाउडन स्ट्रीट से निकलने के बाद ममता बनर्जी सीधे साल्ट लेक स्थित I-PAC ऑफिस पहुंचीं। बताया गया कि वे ऑफिस में पिछले दरवाजे से दाखिल हुईं। करीब 15 से 20 मिनट बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के कुछ अधिकारी बाहर आते दिखे, जिनके हाथ में फाइलें थीं। इन फाइलों को उसी गाड़ी में रखा गया, जिसमें मुख्यमंत्री वहां पहुंची थीं।
फाइलों को लेकर बना सस्पेंस
हालांकि ममता बनर्जी ने आरोप लगाए हैं, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये फाइलें पहले से ईडी के पास थीं या छापेमारी के दौरान ही वहां से ली गईं। इसी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। चुनाव से पहले हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति आने वाले दिनों में और भी ज्यादा गरमाने वाली है।
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