E20 Petrol: सावधान! पुरानी गाड़ियों पर क्या होगा इसका असर, जानिए क्या है ई20 पेट्रोल और बचाव का तरीका

Rajni | Nedrick News India Published: 31 Mar 2026, 08:21 AM | Updated: 31 Mar 2026, 08:21 AM

E20 Petrol: क्या आपकी गाड़ी 2023 से पहले की है? तो पेट्रोल पंप पर लगने वाली लंबी कतारें आपकी जेब और इंजन दोनों पर भारी पड़ सकती हैं। 1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल (जिसमें 20% इथेनॉल होता है) की उपलब्धता अनिवार्य की जा रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह नया ईंधन आपकी पुरानी गाड़ी के इंजन की उम्र कम कर सकता है? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है इसके कारण और बचने के उपाय

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मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रह है कि E20 Petrol को लेकर सरकार का मकसद साफ है विदेश से तेल की निर्भरता कम करना, किसानों की आमदनी बढ़ाना और प्रदूषण घटाना। लेकिन इसका असर खासतौर पर पुरानी गाड़ियों पर पड़ सकता है।

क्या है E20 पेट्रोल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, E20 पेट्रोल का मतलब है 20% इथेनॉल (एक तरह का जैविक ईंधन) और 80% सामान्य पेट्रोल। इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना और मक्का जैसी फसलों से बनता है, जिससे यह पेट्रोल साधारण ईंधन के मुकाबले थोड़ा ‘क्लीन’ और पर्यावरण के अनुकूल हो जाता है। अच्छी खबर यह है कि 1 अप्रैल 2023 के बाद बनी नई गाड़ियां (BS6 फेज-2) इसी ईंधन के हिसाब से डिजाइन की गई हैं, इसलिए उन्हें इससे कोई नुकसान नहीं होगा।

पुरानी गाड़ियों पर क्या असर पड़ेगा?

अगर आपकी गाड़ी 2023 से पहले की है, तो E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से आपको कुछ मुख्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

  • माइलेज में कमी: इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल से कम होती है। इस कारण पुरानी गाड़ियों का माइलेज 5% से 10% तक गिर सकता है।
  • इंजन के पार्ट्स को नुकसान: इथेनॉल का स्वभाव संक्षारक (corrosive) होता है। यह रबर की पाइपों (fuel lines), सील, गैसकेट और प्लास्टिक के पुर्जों को समय से पहले गला सकता है।
  • जंग की समस्या: इथेनॉल हवा से नमी (पानी) सोखता है। इससे लोहे की फ्यूल टंकी और इंजन के अन्य धातु के हिस्सों में अंदरूनी जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
  • परफॉर्मेंस में गिरावट: गाड़ी स्टार्ट करने में दिक्कत (कोल्ड स्टार्ट), चलते समय झटके लेना (knocking) और पिकअप में कमी जैसी समस्याएं आ सकती हैं।

सरकार क्यों ला रही है E20?

इस बड़े फैसले के पीछे सरकार के कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं:

  • आयात पर निर्भरता कम करना: भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल (Crude Oil) विदेशों से आयात करता है। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से विदेशी मुद्रा की भारी बचत होगी।
  • प्रदूषण में कमी: इथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है। इसके इस्तेमाल से कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम होता है, जिससे पर्यावरण को फायदा पहुँचता है।
  • किसानों की आय में वृद्धि: इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और खराब हो चुके अनाज से बनाया जाता है। इससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

पुरानी गाड़ी है? ऐसे करें बचाव

अगर आप थोड़ी सावधानी रखें, तो E20 Petrol से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सबसे पहले अपनी पुरानी गाड़ी के रबर पाइप बदलवाकर नए ‘E20 कम्पैटिबल’ पाइप लगवाएं, ताकि इथेनॉल उन्हें गला न सके। इसके अलावा, गाड़ी की टंकी को हमेशा फुल रखने की कोशिश करें क्योंकि खाली टंकी में हवा से नमी (Moisture) जल्दी बनती है, जो पेट्रोल में पानी मिला सकती है। समय-समय पर फ्यूल फिल्टर की सफाई करवाएं ताकि कोई भी गंदगी इंजन तक न पहुंचे। सबसे जरूरी बात यह है कि पुरानी गाड़ी को लंबे समय तक खड़ा न रखें, क्योंकि रुक हुए ईंधन में नमी बनने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

E20 पेट्रोल पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा कदम है, लेकिन पुरानी गाड़ियों के लिए थोड़ा ध्यान रखना जरूरी है। घबराने की जरूरत नहीं है बस थोड़ी मेंटेनेंस और सावधानी से आप अपनी गाड़ी को पहले जैसा ही चला सकते हैं।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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