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E20 Petrol Damage: 2012 से 2023 के बीच बनी कारों के लिए E20 ईंधन कितना खतरनाक है? जानें बचाव के ज़रूरी उपाय

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 22 Aug 2025, 12:00 AM | Updated: 22 Aug 2025, 12:00 AM

E20 Petrol Damage: भारत सरकार ने ईंधन के विकल्पों में बदलाव करते हुए अप्रैल 2023 से देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री शुरू की है, जिसमें 20% इथेनॉल मिलाया जाता है। हालांकि, 2012 से 2023 के बीच बनीं ज़्यादातर गाड़ियाँ केवल E10-अनुपालक हैं, यानी वे 10% इथेनॉल मिश्रण के लिए डिज़ाइन की गई थीं। ऐसे में अगर आपकी कार E20-अनुपालक नहीं है, तो आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है ताकि भविष्य में किसी तरह की बड़ी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

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सबसे पहले ईंधन प्रणाली की नियमित जांच ज़रूरी- E20 Petrol Damage

E20 ईंधन लंबे समय में आपकी कार की फ्यूल लाइन, पंप, गास्केट और फिल्टर पर असर डाल सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि पूरी ईंधन प्रणाली का समय-समय पर निरीक्षण कराया जाए। जंग, लीकेज या रबर पाइप की स्थिति बिगड़ने पर तुरंत बदलाव कराना फायदेमंद रहेगा। कुछ निर्माता अब ऐसे मेंटेनेंस शेड्यूल तैयार कर रहे हैं जिसमें कुछ पार्ट्स को जल्दी-जल्दी बदलने की सलाह दी जा सकती है इससे खर्च बढ़ेगा, लेकिन कार की सेहत बनी रहेगी।

ईंधन एडिटिव्स से रुक सकता है जंग

कुछ पेट्रोल कंपनियों के ब्रांडेड फ्यूल में ऐसे एडिटिव्स मिलाए जाते हैं जो धातु के हिस्सों को जंग से बचाते हैं और इथेनॉल-पेट्रोल के मिक्सचर को स्थिर बनाए रखते हैं। अगर आप E10-अनुपालक कार चला रहे हैं, तो ऐसे एडिटिव्स का इस्तेमाल ज़रूर करें। हालांकि, रबर सील और पाइप पर इनका असर कम होता है, इसलिए उन्हें समय पर बदलना ही सही रहेगा।

टैंक को हमेशा फुल रखें, गाड़ी लंबे समय तक न खड़ी छोड़ें

इथेनॉल वाले पेट्रोल में एक खतरा यह होता है कि लंबे समय तक खड़ा रहने पर पानी और इथेनॉल अलग हो सकते हैं, जिससे ईंधन में “फेज़ सेपरेशन” हो जाता है। इससे इंजन और फ्यूल सिस्टम को नुकसान हो सकता है। इसलिए टैंक को हमेशा फुल रखने की कोशिश करें और गाड़ी को हफ्तों तक बिना स्टार्ट किए न छोड़ें।

क्या पुरानी कार को E20 के मुताबिक बदला जा सकता है?

आपको बता दें, इसके लिए कई हिस्सों को बदला जाना पड़ेगा, जैसे फ्यूल लाइन, सील, गास्केट और ECU की रीट्यूनिंग। अभी कुछ कंपनियाँ जैसे मारुति सुज़ुकी  इस दिशा में किट्स लाने पर काम कर रही हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 4,000 से 6,000 रुपये के बीच हो सकती है। लेकिन यह अपग्रेडिंग तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है और सभी मॉडल्स के लिए फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

क्या बिना इथेनॉल वाला पेट्रोल विकल्प है?

हां, देश में Indian Oil XP100 और HP Power 100 जैसे प्रीमियम फ्यूल उपलब्ध हैं जो E0 यानी बिना इथेनॉल वाले होते हैं। इन्हें इस्तेमाल करना E20 से होने वाले नुकसान से आपकी कार को बचा सकता है। लेकिन इनकी कीमत लगभग 160 रुपये प्रति लीटर है जो रेगुलर पेट्रोल से काफी महंगा है।

किसके लिए 100 ऑक्टेन फ्यूल है फायदेमंद?

यदि आपकी गाड़ी पुरानी है, क्लासिक है, या कोई हाई-परफॉर्मेंस सुपरकार है, तो 100 ऑक्टेन पेट्रोल एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह न केवल इंजन को सुरक्षित रखेगा बल्कि परफॉर्मेंस भी बेहतर बनी रहेगी। लेकिन आम यूज़र्स के लिए ये बहुत महंगा सौदा साबित हो सकता है।

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