Bhay Gaurav Tiwari Mystery: अमेजन प्राइम वीडियो के एमएक्स प्लेयर पर हाल ही में रिलीज हुई हॉरर वेब सीरीज ‘भय: द गौरव तिवारी मिस्ट्री’ इन दिनों दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा में है। असल घटनाओं से प्रेरित यह सीरीज भारत के मशहूर और पहले सर्टिफाइड पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर गौरव तिवारी की जिंदगी और उनकी रहस्यमयी मौत के इर्द-गिर्द घूमती है। यह सिर्फ एक डरावनी कहानी नहीं है, बल्कि ऐसी सीरीज है जो हर एपिसोड के साथ दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है। रिलीज के बाद से ही सोशल मीडिया पर ‘भय’ को लेकर खूब बातें हो रही हैं और हॉरर पसंद करने वाले दर्शक इसे जमकर बिंज वॉच कर रहे हैं।
मुर्दाघर से शुरू होती है सिहरन भरी कहानी (Bhay Gaurav Tiwari Mystery)
सीरीज की शुरुआत ही एक ऐसे सीन से होती है जो रोंगटे खड़े कर देता है। कहानी एक मुर्दाघर में पहुंचती है, जहां गौरव तिवारी का पोस्टमार्टम चल रहा होता है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान लेती है, लेकिन गले पर मिले कुछ अजीब निशान इस केस को संदिग्ध बना देते हैं। इसी बीच कहानी में एक राइटर की एंट्री होती है, जो गौरव तिवारी की जिंदगी पर किताब लिखने का फैसला करती है। यहीं से कहानी फ्लैशबैक में चली जाती है और दर्शकों को गौरव के अतीत से रूबरू कराया जाता है।
पायलट बनने का सपना और पैरानॉर्मल दुनिया का सफर
फ्लैशबैक में दिखाया जाता है कि गौरव तिवारी का सपना पायलट बनने का था। महज 21 साल की उम्र में वह फ्लोरिडा (अमेरिका) गए और प्रोफेशनल पायलट की ट्रेनिंग लेने लगे। हालांकि, वहां उनके साथ एक ऐसी घटना घटती है जो उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल देती है। इसी अनुभव के बाद गौरव पैरानॉर्मल दुनिया की तरफ खिंचते चले जाते हैं और भारत लौटकर इस रहस्यमयी फील्ड में काम शुरू करते हैं।
इंडियन पैरानॉर्मल सोसायटी की स्थापना
भारत लौटने के बाद गौरव तिवारी ने इंडियन पैरानॉर्मल सोसायटी (IPS) की स्थापना की। इस टीम में उनके साथ तीन और लोग जुड़े, जो देश-विदेश में कथित हॉन्टेड जगहों की जांच करते थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, गौरव और उनकी टीम के साथ अजीबो-गरीब घटनाएं होने लगती हैं। सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे पांच साल के भीतर ये घटनाएं गंभीर रूप लेने लगती हैं और अंत में कहानी गौरव की रहस्यमयी मौत तक पहुंचती है।
भूतों से संपर्क करने के दावे और डरावने प्रयोग
गौरव तिवारी पैरानॉर्मल एक्टिविटीज को लेकर काफी पढ़ाई और रिसर्च करते थे। वह अलग-अलग तरह की मशीनों और उपकरणों के जरिए आत्माओं से संपर्क करने का दावा करते थे। रात के अंधेरे में वह अपनी टीम के साथ हॉन्टेड जगहों पर जाते, वहां मौजूद एनर्जी को महसूस करते और आत्माओं से बातचीत करने की कोशिश करते थे। खुद गौरव का कहना था कि वह भूतों की आवाजें सुनते हैं और उनसे बात भी करते हैं। यही वजह थी कि वह जल्द ही पैरानॉर्मल दुनिया में एक जाना-माना नाम बन गए।
टीवी, डॉक्युमेंट्री और फिल्मों तक पहुंच
अपको बता दें, पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर के तौर पर गौरव तिवारी टीवी की दुनिया में भी काफी एक्टिव रहे। वह एमटीवी के शो ‘गर्ल्स नाइट आउट’ में पैरानॉर्मल एक्सपर्ट के रूप में नजर आए। इसके अलावा उन्होंने ‘भूत आया’ नाम की डॉक्युमेंट्री भी की और कई इंटरनेशनल हॉन्टेड शोज का हिस्सा बने। इतना ही नहीं, गौरव ने फिल्मों ‘16 दिसंबर’ और ‘टैंगो चार्ली’ में भी कैमियो किया था।
रहस्यमयी मौत और उठते सवाल
खबरों की मानें तो 7 जुलाई 2016 को दिल्ली के द्वारका स्थित घर में गौरव तिवारी मृत पाए गए। उन्होंने कथित तौर पर पत्नी के दुपट्टे से फांसी लगा ली थी। उनकी मौत की खबर फैलते ही फैंस के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि शायद किसी बुरी आत्मा का इसमें हाथ है। हालांकि, पुलिस जांच में इसे आत्महत्या बताया गया। पुलिस के मुताबिक, काम न मिलने और पारिवारिक दबाव के चलते गौरव तनाव में थे। परिवार चाहता था कि वह पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन छोड़कर कोई सामान्य नौकरी करें, लेकिन गौरव इसके लिए तैयार नहीं थे।
मौत और भूतों के कनेक्शन की बातें
जांच के दौरान गौरव के पिता और पत्नी ने भी चौंकाने वाले बयान दिए। उनका कहना था कि गौरव अक्सर बताते थे कि कोई बुरी आत्मा उन्हें अपनी तरफ खींच रही है और परेशान कर रही है। इन्हीं बातों ने गौरव की मौत को और ज्यादा रहस्यमयी बना दिया, जिसे ‘भय’ सीरीज में भी असरदार तरीके से दिखाया गया है।
दमदार एक्टिंग और सस्पेंस से भरपूर निर्देशन
बता दें, सीरीज में करण टैकर ने गौरव तिवारी के किरदार को बेहद गंभीरता से निभाया है। उनके साथ कल्कि कोचलिन, सलोनी बत्रा, दानिश सूद, शुभम चौधरी और निमिषा नायर अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। डायरेक्टर रॉबी ग्रेवाल ने डर और सस्पेंस को बिना ओवरडोज दिए कहानी में पिरोया है। 12 दिसंबर को रिलीज हुई यह सीरीज हॉरर फैंस के लिए ओटीटी पर एक जबरदस्त ट्रीट साबित हो रही है।






























