Bengaluru News: बेंगलुरु में एक अनोखा और परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक परिवार को सिर्फ 15 दिन रहने के बाद मकान मालिक द्वारा घर खाली करने का नोटिस दे दिया गया। मामला किरायेदार के कपड़े सुखाने से जुड़ा है और अब यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
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किरायेदार ने किया खुलासा| Bengaluru News
किरायेदार ने बताया कि उसने 4 मार्च को नए घर में प्रवेश किया था। इसके लिए उसने कुल 80,000 रुपये खर्च किए 50,000 रुपये सिक्योरिटी, 20,000 रुपये ब्रोकर फीस और 10,000 रुपये शिफ्टिंग के लिए। हालांकि, घर में कई मूलभूत सुविधाओं की कमी थी। न बालकनी थी, न धूप आती थी, और न ही ग्रिल या हुक ठीक से लगे थे।
किरायेदार ने छत पर कपड़े सुखाने की अनुमति मांगी, लेकिन मकान मालिक ने साफ इनकार कर दिया। घर में छोटे बच्चे के कपड़े धूप में सुखाना जरूरी होने के कारण, किरायेदार ने पड़ोसी से अनुमति लेकर उनके घर की बालकनी में कपड़े सुखाने शुरू कर दिए।
मकान मालिक ने दिया 15 दिन का नोटिस
जब मकान मालिक को इस बात का पता चला, तो उन्होंने तुरंत नाराजगी जताई और 15 दिनों में घर खाली करने का आदेश दे दिया। किरायेदार का कहना है कि उन्होंने कई बार समस्या के समाधान के लिए अनुरोध किया, लेकिन मकान मालिक ने कोई सहयोग नहीं किया। उन्होंने बताया कि छत पर ग्रिल मौजूद है, लेकिन मकान मालिक उन्हें इसका इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दे रहा।
किरायेदार ने कहा, “हमने वैकल्पिक तरीके अपनाए, लेकिन मकान मालिक ने हमारी गुहार को ठुकरा दिया। छोटे बच्चों के कपड़े साफ और धूप में सुखाना जरूरी है, लेकिन हमारी आवश्यकता को नजरअंदाज किया गया।”
सोशल मीडिया पर बंटी राय
सोशल मीडिया पर इस मामले पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ लोग किरायेदार को कानूनी सलाह देने लगे, तो कुछ ने कहा कि पहले रेंट एग्रीमेंट की शर्तें देखनी चाहिए। एक व्यक्ति ने लिखा, “अगर कोई वकील से सलाह मांगे तो उसे 80,000 रुपये की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा जा सकता है या फिर एग्रीमेंट खत्म होने तक इंतजार करें। शायद मकान मालिक अतिरिक्त पैसे वसूलने की कोशिश कर रहा है।”
कुछ लोग मकान मालिक पर गलत तरीके से परेशान करने का आरोप भी लगा रहे हैं। वहीं, किरायेदार ने कहा कि अब परिवार को दोहरी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है एक तरफ उन्होंने भारी पैसा खर्च किया है, और दूसरी तरफ नया घर ढूंढना भी आसान नहीं है।
कानूनी विशेषज्ञ क्या कहते हैं
वकीलों का मानना है कि ऐसे मामलों में सबसे पहले रेंट एग्रीमेंट की शर्तों को देखना जरूरी है। अगर मकान मालिक के नोटिस में कोई कानूनी खामियां हैं, तो किरायेदार इसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। साथ ही, पड़ोसी की अनुमति के साथ कपड़े सुखाने को कानूनन अवैध नहीं माना जा सकता।
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