Bengal Election 2026: कांग्रेस ने बंगाल में खोले अपने पत्ते! ममता और बीजेपी की उड़ सकती है नींद

Nandani | Nedrick News West Bengal Published: 31 Mar 2026, 11:08 AM | Updated: 31 Mar 2026, 11:08 AM

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 284 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है। लंबे समय बाद अकेले चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेताओं को चुनावी लड़ाई में उतारकर सियासी दांव खेल दिया है। अधीर रंजन चौधरी से लेकर मौसम नूर तक, कई दिग्गज नेता अब बंगाल की चुनावी जंग का हिस्सा बनने जा रहे हैं।

कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट है राज्य में अपनी खोई हुई साख को मजबूत करना, जमीनी संगठन को सक्रिय करना और ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच चल रही सीधी टक्कर में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना।

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कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेताओं पर खेला दांव | Bengal Election 2026

पार्टी ने अपने सबसे कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को उनके पारंपरिक गढ़ बहरामपुर से टिकट दिया है। 1996 में नवग्राम से चुनाव जीतने वाले अधीर रंजन चौधरी ने 1999 में बहरामपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा और पांच बार सांसद बने। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें तृणमूल प्रत्याशी यूसुफ पठान ने हराया था, और अब पार्टी ने उन्हें विधानसभा में फिर से मौका दिया है।

इसके अलावा मौसम नूर, जो हाल ही में तृणमूल से कांग्रेस में लौटे हैं, को मालतीपुर सीट से मैदान में उतारा गया है। भवानीपुर से प्रदीप प्रसाद, नंदीग्राम से शेख जरियातुल हुसैन, रायगंज से मोहित सेनगुप्ता, जलांगी से अब्दुल रेज्जाक मोल्ला, चकुलिया से अली इमरान रम्ज़ और बालीगंज से रोहन मित्रा जैसे नाम भी पार्टी की लिस्ट में शामिल हैं।

कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि इस बार वह गठबंधन के बजाय अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और पुराने वफादार नेताओं पर भरोसा कायम रखा है।

बंगाल में कांग्रेस की सोशल इंजीनियरिंग

कांग्रेस ने अपने 284 उम्मीदवारों के माध्यम से एक मजबूत सोशल इंजीनियरिंग का दांव खेला है। 68 उम्मीदवार दलित समुदाय से, 64 मुस्लिम, 16 अनुसूचित जनजाति और 42 महिला उम्मीदवार हैं। पार्टी ने मुस्लिम और दलित वोटों पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे ममता बनर्जी और बीजेपी दोनों के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

मुस्लिम बहुल जिलों जैसे मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर में पार्टी ने मजबूत संगठनात्मक ढांचे वाले उम्मीदवारों को उतारा है। कोलकाता के मटियाब्रुज से मोहम्मद मुख्तार, कोलकाता पोर्ट से आकिब गुलजार और इंटाली से कासिफ रेजा को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा कोलकाता और हावड़ा जैसे शहरी क्षेत्रों में पेशेवर और युवा चेहरों को मौका दिया गया है।

ममता बनर्जी या बीजेपी: किसका खेल बिगाड़ेगी कांग्रेस?

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस भले ही सबसे बड़ा दल है, लेकिन पिछली बार की तरह ग्रैंड मेजोरिटी मिलने की संभावना नहीं है। कांग्रेस का लक्ष्य मुस्लिम वोटों और बांग्ला भद्रलोक में सेंध मारकर कुछ सीटें हासिल करना है। मालदा और मुर्शिदाबाद में यदि 2-3 सीटें जीत ली जाती हैं, तो बंगाल में कांग्रेस की वापसी की नींव रखी जा सकती है।

हालांकि, मुकाबला आसान नहीं है। मुस्लिम बहुल इलाकों में तृणमूल के अलावा असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर की पार्टियां भी हैं। इसलिए मुस्लिम वोट बैंक का बंटवारा निर्णायक साबित हो सकता है।

बंगाल में कांग्रेस का लक्ष्य: वापस लौटाना अपनी सियासी पहचान

2021 के विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमटने के बाद, कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य राज्य में अपनी सियासी पहचान को मजबूत करना और वोट शेयर बढ़ाना है। पिछले चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 294 में से 213 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी थी। इस बार कांग्रेस चाहती है कि वह मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में अपनी पकड़ मजबूत करे। पार्टी की रणनीति में पुराने गढ़ों में वापसी के साथ ही शहरी क्षेत्रों में नए और पेशेवर चेहरों को आगे लाना शामिल है।

ईशा खान चौधरी ने कहा, “हम वैचारिक रूप से भाजपा के विरोधी हैं। इसलिए कांग्रेस ने मुस्लिमों को बड़ी संख्या में उम्मीदवार के तौर पर उतारा है।”

कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने स्पष्ट रणनीति के तहत अपने पुराने और भरोसेमंद नेताओं को मैदान में उतारा है। सोशल इंजीनियरिंग, मुस्लिम और दलित वोटों पर फोकस और युवा चेहरों की हिस्सेदारी इस बार कांग्रेस की ताकत बन सकती है। हालांकि मुकाबला आसान नहीं है, लेकिन यदि पार्टी कुछ सीटें जीत पाती है, तो बंगाल में उसकी सियासी वापसी की राह शुरू हो सकती है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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