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Balochistan News: बलूचिस्तान में चीन की फौज? जयशंकर को चिट्ठी लिखकर बलूच नेता ने बजाया खतरे का सायरन

Nandani | Nedrick News

Published: 02 Jan 2026, 03:20 PM | Updated: 02 Jan 2026, 03:20 PM

Balochistan News: बलूचिस्तान से जुड़ी राजनीति एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गई है। बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक खुला पत्र लिखकर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। 1 जनवरी 2026 को लिखे इस पत्र में उन्होंने आशंका जताई है कि आने वाले कुछ महीनों में चीन बलूचिस्तान में अपने सैन्य बल तैनात कर सकता है, जो न सिर्फ इस इलाके बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

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“चीन की तैनाती से बढ़ेगा खतरा” (Balochistan News)

पत्र में मीर यार बलूच ने खुद को बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताते हुए कहा है कि यदि बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता सेनाओं को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो हालात चीन के पक्ष में जा सकते हैं। उनका कहना है कि चीन पहले ही आर्थिक और रणनीतिक रूप से इस क्षेत्र में गहरी पैठ बना चुका है और अब सैन्य मौजूदगी की दिशा में भी कदम बढ़ा सकता है।

उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि बलूच लोगों की इच्छा के बिना अगर चीनी सैनिक बलूचिस्तान की धरती पर उतरे, तो यह बलूचिस्तान और भारत दोनों के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती होगी। मीर यार बलूच के मुताबिक, यह सिर्फ एक स्थानीय मुद्दा नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

CPEC के “अंतिम चरण” को बताया खतरनाक

मीर यार बलूच ने अपने पत्र में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन का रणनीतिक गठजोड़ अब CPEC के उस चरण में पहुंच गया है, जिसे वे इसका “अंतिम और सबसे संवेदनशील चरण” मानते हैं।

उनके अनुसार, इसी दौर में चीन की सैन्य तैनाती की संभावना सबसे ज्यादा है। उन्होंने चेताया कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो हालात हाथ से निकल सकते हैं और क्षेत्र में शक्ति संतुलन पूरी तरह बदल सकता है।

भारत-बलूचिस्तान सहयोग पर जोर

पत्र में मीर यार बलूच ने भारत और बलूचिस्तान के बीच ठोस और व्यावहारिक सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों को जिन खतरों का सामना करना पड़ रहा है, वे न तो काल्पनिक हैं और न ही दूर की बात, बल्कि तत्काल और वास्तविक हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत बलूचिस्तान के हालात को केवल एक बाहरी मुद्दा मानकर नजरअंदाज नहीं करेगा, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा के नजरिए से इसे गंभीरता से लेगा।

साझा इतिहास और सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र

मीर यार बलूच ने अपने पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की भी याद दिलाई। उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थलों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये दोनों क्षेत्रों की साझा विरासत का प्रतीक हैं।

उनका कहना है कि यह सांस्कृतिक जुड़ाव दोनों पक्षों को एक-दूसरे के करीब लाने का मजबूत आधार बन सकता है।

ऑपरेशन सिंदूर की सराहना

पत्र के आखिर में बलूच नेता ने भारत सरकार, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के ठिकानों पर की गई कार्रवाई ने यह दिखाया कि भारत क्षेत्रीय सुरक्षा और न्याय को लेकर गंभीर है।

मीर यार बलूच ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत और बलूचिस्तान के बीच सहयोग और मजबूत होगा और दोनों मिलकर साझा चुनौतियों का सामना करेंगे।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

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