Balen Shah: नेपाल की राजनीति इस समय एक ऐसे नाम के इर्द-गिर्द घूम रही है, जिसे कुछ साल पहले तक लोग सिर्फ एक रैपर के रूप में जानते थे। अब वही शख्स देश की सत्ता के सबसे बड़े दावेदारों में गिने जा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं Balen Shah की, जो महज 35 साल की उम्र में नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में आगे बताए जा रहे हैं।
नेपाल में आम चुनाव की मतगणना अभी जारी है और शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। Rastriya Swatantra Party (RSP) ने इस चुनाव में बड़ा उलटफेर कर दिया है। अब तक पार्टी 20 सीटें जीत चुकी है और करीब 98 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। दिलचस्प बात यह है कि पार्टी ने Communist Party of Nepal (Unified Marxist–Leninist) के चेयरमैन और पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli के गढ़ झापा-5 में भी उन्हें पीछे छोड़ दिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक 9 मार्च तक पूरी मतगणना पूरी होने की उम्मीद है। ऐसे में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि बालेन शाह जल्द ही नेपाल के प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
कौन हैं Balen Shah?
बालेन शाह का पूरा नाम बालेंद्र शाह है। उनका जन्म 27 अप्रैल 1990 को नेपाल की राजधानी Kathmandu के नारादेवी इलाके में हुआ था। उनके पिता राम नारायण शाह पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं और मां का नाम ध्रुवदेवी शाह है। हालांकि उनका परिवार मूल रूप से मधेश प्रदेश के महोत्तरी जिले से जुड़ा हुआ है, लेकिन उनके पिता की पोस्टिंग काठमांडू के आयुर्वेद अस्पताल में होने के बाद परिवार यहीं बस गया।
धर्म की बात करें तो बालेन शाह हिंदू परिवार से आते हैं। उनके नाम की वजह से कई बार लोगों को भ्रम हो जाता है कि वह मुस्लिम हैं, लेकिन वह नेपाली हिंदू परिवार से जुड़े हैं। उनका परिवार मैथिली पृष्ठभूमि से जुड़ा माना जाता है और उनका संबंध न्यूआर समुदाय से भी बताया जाता है।
कितनी है बालेन शाह की संपत्ति?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बालेन शाह की कुल संपत्ति करीब 5 से 6 करोड़ नेपाली रुपये के आसपास आंकी जाती है। वहीं उनकी मासिक आय लगभग 3 लाख रुपये से ज्यादा बताई जाती है। उनकी लोकप्रियता सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं रही। साल 2023 में मशहूर मैगजीन Time ने उन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया था। इसके अलावा The New York Times ने भी उनकी प्रोफाइल स्टोरी प्रकाशित की थी।
साधारण परिवार से निकले बालेन
बालेन शाह एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता राम नारायण शाह आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। उनकी पत्नी सबीना काफ्ले पब्लिक हेल्थ सेक्टर में काम करती हैं। परिवार में उनके भाई चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, बहन पेंटर हैं और उनके जीजा बैंकिंग सेक्टर में काम करते हैं। यानी उनका पूरा परिवार अलग-अलग पेशों से जुड़ा हुआ है।
इंजीनियर से रैपर बनने तक का सफर
बालेन शाह को बचपन से ही संगीत और रचनात्मक गतिविधियों में दिलचस्पी थी। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई काठमांडू के वीएस निकेतन स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा के लिए वह भारत आए और Visvesvaraya Technological University, कर्नाटक से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया।
इंजीनियरिंग पढ़ाई के दौरान ही वह नेपाल के अंडरग्राउंड हिप-हॉप सीन से जुड़ गए। साल 2012 में उन्होंने अपना पहला गाना “सडक बालक” रिलीज किया। इस गाने में शहर के युवाओं की मुश्किलों और सामाजिक असमानता की बात की गई थी।
बाद में उन्होंने यूट्यूब के बैटल रैप शो Raw Barz में हिस्सा लिया और धीरे-धीरे नेपाल के ‘नेफॉप’ यानी नेपाली हिप-हॉप सीन में अपनी पहचान बना ली। उनके कई गानों में भ्रष्टाचार, गरीबी और राजनीतिक व्यवस्था पर तीखी टिप्पणियां होती थीं, जिसकी वजह से युवा वर्ग में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।
2022 में राजनीति में एंट्री और मेयर चुनाव में जीत
नेपाल की राजनीति में बालेन शाह की एंट्री किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। साल 2022 में उन्होंने अचानक घोषणा कर दी कि वह काठमांडू के मेयर का चुनाव लड़ेंगे। उस समय वह सिर्फ 32 साल के थे और किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं थे।
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने चुनाव लड़ा और बड़े दलों के उम्मीदवारों को हराकर इतिहास रच दिया। उन्हें करीब 61,767 वोट मिले, जबकि नेपाली कांग्रेस की उम्मीदवार सृजना सिंह को 38,341 वोट मिले। इस तरह वह काठमांडू के इतिहास में पहले निर्दलीय मेयर बने।
मेयर बनने के बाद उन्होंने कई अहम फैसले लिए। नगर परिषद की बैठकों का लाइव टेलीकास्ट शुरू किया गया ताकि प्रशासन में पारदर्शिता लाई जा सके। शहर में कचरा प्रबंधन सुधारने के लिए निजी कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया। हालांकि इन फैसलों को लेकर विवाद भी हुए, खासकर सड़क किनारे कारोबार करने वालों के मुद्दे पर।
Gen Z आंदोलन और राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री
साल 2025 के आखिर में नेपाल में युवाओं के बड़े विरोध प्रदर्शन हुए, जिन्हें Gen Z आंदोलन कहा गया। इन प्रदर्शनों के बाद K. P. Sharma Oli की सरकार गिर गई। इसके बाद जनवरी 2026 में बालेन शाह ने काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया और Rastriya Swatantra Party में शामिल हो गए। पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया।
2026 के आम चुनाव में उन्होंने झापा-5 सीट से चुनाव लड़ा, जहां उनका मुकाबला सीधे ओली से हुआ। शुरुआती रुझानों में वह करीब 4 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं। अगर उनकी पार्टी बहुमत के करीब पहुंचती है, तो बालेन शाह 35 साल की उम्र में नेपाल के प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
