Trending

Amitabh Thakur News: अमिताभ ठाकुर केस में बड़ा ट्विस्ट! योगी सरकार के टॉप अफसरों पर FIR की मांग, कोर्ट पहुँचा मामला

Nandani | Nedrick News

Published: 09 Jan 2026, 01:38 PM | Updated: 09 Jan 2026, 01:51 PM

Amitabh Thakur News: पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर से जुड़े मामले में अब कानूनी मोर्चे पर बड़ा और अहम घटनाक्रम सामने आया है। इस प्रकरण को लेकर उत्तर प्रदेश के कई बड़े पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है। इस वाद में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश, लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर और प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद सहित कुल छह अधिकारियों को नामजद किया गया है। अदालत में दाखिल इस याचिका के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

और पढ़ें: ED Raid Mamata Banerjee Update: पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले ED की रेड, I-PAC से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के बाद बढ़ा सियासी पारा

FIR दर्ज न होने का आरोप, कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग (Amitabh Thakur News)

वाद में आरोप लगाया गया है कि पूरे घटनाक्रम में कई वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की साझा भूमिका रही, इसके बावजूद अब तक किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने थाना स्तर से लेकर पुलिस के उच्च अधिकारियों तक लिखित शिकायतें दीं, लेकिन हर स्तर पर मामले को नजरअंदाज किया गया। इसी कारण उन्हें न्याय के लिए अदालत की शरण लेनी पड़ी।

किन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग

अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई गंभीर धाराओं का उल्लेख किया गया है। इसमें धारा 190, 248, 115(2)/117, 61(2), 109/110, 351(2) और 356/357 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। याचिका में साफ कहा गया है कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं होती है, तो पुलिस से न्याय की उम्मीद पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

आज़ाद अधिकार सेना के पदाधिकारी ने दाखिल किया वाद

यह वाद अमिताभ ठाकुर की संस्था आज़ाद अधिकार सेना के पदाधिकारी सिंहासन चौहान की ओर से दाखिल किया गया है। वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने भी इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने इसे सत्ता के खिलाफ एक बड़ी लोकतांत्रिक लड़ाई बताया है। उनके मुताबिक, इस वाद में अवैध गिरफ्तारी, प्रताड़ना और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं और शुक्रवार को इस पर सुनवाई होने की संभावना है।

अमिताभ ठाकुर: एक ईमानदार अफसर की पहचान

वरिष्ठ पत्रकार आशीष रंजन के अनुसार, अमिताभ ठाकुर मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में उन्होंने एक ईमानदार, निर्भीक और सिद्धांतों से समझौता न करने वाले आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। सत्ता किसी भी दल की रही हो, उन्होंने कभी चापलूसी नहीं की और न ही अन्याय के सामने झुके। यही वजह रही कि वे हर सरकार के लिए असहज साबित हुए।

पहले भी विवादों में रहे, अब हालत नाजुक

बताया जाता है कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान भी अमिताभ ठाकुर निशाने पर रहे और मौजूदा सरकार में भी उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। हाल ही में उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उन्हें गोरखपुर से सीपीआर देते हुए लखनऊ लाया गया, जो स्थिति की गंभीरता को दिखाता है।

लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर उठते सवाल

अमिताभ ठाकुर पहले से ही अपनी जान को खतरा होने की आशंका जता चुके थे। अब उनकी हालत और पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। समर्थकों का कहना है कि सच के साथ खड़े होने और सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने की भारी कीमत उन्हें चुकानी पड़ रही है। यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की मजबूती पर भी बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। अब सबकी निगाहें अदालत के अगले फैसले पर टिकी हैं।

और पढ़ें: Ankita Bhandari Case:अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीएम धामी ने दुष्यंत गौतम को दी क्लीन चिट, दिल्ली हाई कोर्ट से भी मिली बड़ी राहत

Nandani

nandani@nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2025- All Right Reserved. Designed and Developed by  Marketing Sheds