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Ajab Gajab News: सोना पीने से लेकर बच्चों के खून तक… जब अमर बनने के लिए इंसान ने पार कर दी हर हद

Nandani | Nedrick News

Published: 03 Jan 2026, 09:15 AM | Updated: 03 Jan 2026, 09:18 AM

Ajab Gajab News: उम्र को रोकने और मौत को मात देने की चाह इंसान के भीतर सदियों से रही है। आज के दौर में इस सनक का सबसे चर्चित चेहरा हैं करोड़पति टेक कारोबारी और बायो हैकर ब्रायन जॉनसन, जो 2025 में अपने अजीबोगरीब प्रयोगों की वजह से लगातार सुर्खियों में रहे। ब्रायन हर साल करीब 20 लाख डॉलर सिर्फ इसलिए खर्च कर रहे हैं ताकि उनकी जैविक उम्र आगे न बढ़े।

48 साल के ब्रायन ने तो एक कदम और आगे बढ़ते हुए अपने किशोर बेटे के ब्लड प्लाज्मा का ट्रांसफ्यूजन तक कराया, ताकि शरीर को जवान रखा जा सके। हालांकि, ब्रायन पहले इंसान नहीं हैं जो अमर होने की इस चाह में ऐसे प्रयोग कर रहे हों। इतिहास ऐसे कई किस्सों से भरा पड़ा है, जहां ताकतवर लोग जिंदगी बढ़ाने के चक्कर में खुद मौत के मुंह में चले गए।

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अमृत की तलाश में अपनी जान गंवा बैठा चीन का सम्राट (Ajab Gajab News)

डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 2200 साल पहले चीन के पहले सम्राट किन शी हुआंग अमरता की खोज में इस कदर पागल हो गए थे कि उन्होंने अपनी प्रजा को “जीवन का अमृत” खोजने का आदेश दे दिया। उस दौर में माना जाता था कि कुछ खास रसायन इंसान को लंबे समय तक जिंदा रख सकते हैं।

सम्राट ने खुद पारा सल्फाइड से बना सिंदूर पीना शुरू कर दिया, यह सोचकर कि इससे उनकी उम्र बढ़ेगी। लेकिन यह प्रयोग जानलेवा साबित हुआ। महज 49 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई और बाद में पता चला कि पारा ही उनकी मौत की वजह बना। अमर होने की चाह ने उन्हें जल्दी खत्म कर दिया।

अमरता के नाम पर बच्चों का खून

इतिहास का एक और डरावना अध्याय पोप इनोसेंट VIII से जुड़ा है। उन पर आरोप लगे कि वे बच्चों का खून पीने को अमरता का रास्ता बताते थे। कहा जाता है कि उन्होंने यह तक प्रचार किया कि हमेशा जिंदा रहने के लिए बच्चों का खून पीना जरूरी है।

1492 में जब वे गंभीर रूप से बीमार पड़े, तो कथित तौर पर किशोर लड़कों का खून उन्हें पिलाया गया। दुखद बात यह रही कि जिन बच्चों की जान गई, उससे पोप की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। कुछ ही दिनों बाद उनकी मौत हो गई और यह अमरता का दावा पूरी तरह झूठा साबित हुआ।

जवानी के लिए सोना पीने लगी थी यह महिला

16वीं सदी की फ्रांसीसी कुलीन महिला डायने डी पोइटियर्स भी शाश्वत सुंदरता की तलाश में अपनी जान गंवा बैठीं। वह फ्रांस के राजा हेनरी द्वितीय की प्रेमिका थीं और हमेशा जवान दिखने के लिए पीने योग्य सोना इस्तेमाल करती थीं।

उनका मानना था कि सोना शरीर को अंदर से मजबूत और सुंदर बनाए रखता है। लेकिन सालों तक ऐसा करने का असर धीरे-धीरे शरीर पर पड़ा। उनकी मृत्यु 66 साल की उम्र में हुई। सदियों बाद जब वैज्ञानिकों ने उनके बालों की जांच की, तो उसमें सोने की बेहद ज्यादा मात्रा पाई गई, जिससे साफ हुआ कि उनकी मौत की बड़ी वजह यही आदत थी।

इतिहास से क्या सीख मिलती है

बता दें, ब्रायन जॉनसन के आधुनिक प्रयोग भले ही हाई-टेक और वैज्ञानिक लगते हों, लेकिन इतिहास गवाह है कि अमर होने की चाह इंसान को बार-बार गलत फैसलों की ओर ले गई है। चाहे राजा हों, पोप हों या आज के अरबपति मौत से बचने की कोशिश अक्सर उसी रास्ते पर ले जाती है, जहां से वापसी नहीं होती।

शायद सवाल यह नहीं है कि इंसान कितनी देर जिंदा रह सकता है, बल्कि यह है कि वह अपनी जिंदगी कैसे जीता है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

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