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UP land registry new rules: आपने भी जमीन खरीदते हुए तो नहीं की ये गलती, योगी सरकार ने रजिस्ट्री के नियमों में किए बदलाव

Shikha Mishra | Nedrick News Uttar Pradesh Published: 11 Mar 2026, 07:13 AM | Updated: 11 Mar 2026, 07:13 AM

UP land registry new rules: सावधान! जमीन की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़ा इस कदर बढ़ गया है कि जालसाज किसी और की जमीन बेझिझक दूसरों को बेच रहे हैं। इसी धोखाधड़ी पर नकेल कसने और निर्दोष खरीदारों को बचाने के लिए यूपी सरकार ने रजिस्ट्री के नियमों में अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा बदलाव किया है।

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धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म

बता दें कि अब यूपी में जमीन, मकान या फ्लैट की फर्जी रजिस्ट्री कराना मुमकिन नहीं होगा। योगी कैबिनेट ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पंजीकरण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी है। अब सब-रजिस्ट्रार के लिए रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व दस्तावेजों का मिलान करना अनिवार्य होगा, ताकि धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो सके।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके बाद स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Ravindra Jaiswal ने बताया कि कई मामलों में देखा गया है कि असली मालिक की जगह दूसरे लोग संपत्ति बेचकर उसकी रजिस्ट्री करा देते हैं।

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क्या कहते है नए नियम

नए नियम के अनुसार अब गांवों में जमीन के स्वामित्व की पुष्टि खतौनी के आधार पर की जाएगी। वहीं शहरों में मकान, फ्लैट या जमीन की रजिस्ट्री करने से पहले नगर निगम या अन्य नगरीय निकायों द्वारा जारी पीला कार्ड या अन्य स्वामित्व दस्तावेज देखे जाएंगे। इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही उप निबंधक रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

सरकार का कहना है कि कई बार प्रतिबंधित जमीन, कुर्क संपत्ति या केंद्र और राज्य सरकार के स्वामित्व वाली जमीन की भी गलत तरीके से रजिस्ट्री करा ली जाती थी। ऐसे मामलों को लेकर बाद में लंबे समय तक कोर्ट में मुकदमे चलते रहते हैं और खरीदार को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

फर्जी रजिस्ट्री पर रोक

मंत्री रविन्द्र जायसवाल के मुताबिक अभी तक Registration Act, 1908 के तहत उप निबंधक के पास संदिग्ध मामलों में रजिस्ट्री रोकने का कोई स्पष्ट अधिकार नहीं था। इसी वजह से कई बार जांच के बिना ही रजिस्ट्री हो जाती थी। कुल मिलाकर सरकार ने अपनी ओर से सुरक्षा का घेरा सख्त कर दिया है। CM योगी का यह फैसला जमीन की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। अब आम आदमी बिना किसी डर के निवेश कर सकेगा, क्योंकि सरकारी सिस्टम खुद प्रॉपर्टी के असली मालिक की पुष्टि करेगा। नए फैसले के बाद अब रजिस्ट्री से पहले दस्तावेजों की जांच अनिवार्य होगी। इससे फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगेगी और लोगों को जमीन-जायदाद खरीदते समय ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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