Stock Market Crash: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए गुरुवार का कारोबारी सत्र किसी झटके से कम नहीं रहा। सुबह की शुरुआत भले ही हरे निशान के साथ हुई, लेकिन दिन ढलते-ढलते बाजार का मूड पूरी तरह बदल गया। आखिरी घंटे में ऐसी तेज बिकवाली आई कि बाजार देखते ही देखते क्रैश की स्थिति में पहुंच गया। 30 शेयरों वाला BSE Sensex 1,236.11 अंक टूटकर 82,498 पर बंद हुआ। इससे पहले यह 83,969 के स्तर पर खुला था और पिछले सत्र में 83,734.25 पर बंद हुआ था।
वहीं 50 शेयरों वाला NSE Nifty 25,873 पर खुला, लेकिन भारी दबाव में 365 अंक गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ। बुधवार को निफ्टी 25,819 पर बंद हुआ था। यानी पूरे दिन की कमाई ही नहीं, बल्कि उससे भी ज्यादा नुकसान हो गया।
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₹7 लाख करोड़ की दौलत उड़नछू (Stock Market Crash)
इस गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। Bombay Stock Exchange पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 472 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 465 लाख करोड़ रुपये रह गया। मतलब एक ही दिन में निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा साफ हो गए।
मार्केट में बैठे छोटे निवेशकों के लिए यह गिरावट खासतौर पर दर्दनाक रही, क्योंकि पिछले तीन सत्रों से बाजार में अच्छी तेजी देखी जा रही थी और माहौल पॉजिटिव बना हुआ था।
आखिर क्यों टूटा बाजार?
गुरुवार की गिरावट के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। सबसे बड़ी वजह रही मुनाफावसूली। लगातार तीन दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने कमाई समेटनी शुरू कर दी, जिससे दबाव बढ़ता चला गया।
इसके अलावा आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। इस तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिसने बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला।
बैंकिंग, मेटल, ऑटो लगभग हर सेक्टर लाल निशान में नजर आया। बाजार में चारों तरफ बिकवाली का माहौल था।
बड़े दिग्गज भी नहीं बचे
गिरावट की इस आंधी में बड़ी कंपनियां भी नहीं टिक पाईं। Reliance Industries के शेयर करीब 2% से ज्यादा टूटे, जबकि Adani Ports में भी लगभग 2.5% की गिरावट दर्ज हुई। लार्जकैप शेयरों में IndiGo, M&M, Trent, BEL और Kotak Bank जैसे दिग्गजों में भी 2% से 3% तक की कमजोरी रही।
मिडकैप सेगमेंट में हालात और ज्यादा खराब दिखे। Hindustan Petroleum लगभग 5% टूट गया, Paytm करीब 4.5% गिरा और Godrej Properties में भी 3.5% की कमजोरी दर्ज हुई।
आगे क्या?
बाजार में आई यह तेज गिरावट इस बात का संकेत है कि वैश्विक और घरेलू दोनों फैक्टर निवेशकों के मूड को तेजी से बदल सकते हैं। फिलहाल विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।





























