Epstein Files: शुरुआत करते हैं उस राज से, जिसे शलभ कुमार अपनी ‘बेटी’ बता रहे हैं। आखिर क्या है उस रिश्ते के पीछे की असली हकीकत? क्यों एक पूर्व मिस इंडिया को रातों-रात मानस पुत्री बनाकर ट्रंप के व्हाइट हाउस से लेकर बॉलीवुड के गलियारों तक खड़ा कर दिया गया? क्या यह सिर्फ भावनाएं थीं या किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल की बिसात? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है कि इस मामले मे क्या कुछ राज दफन है जिससे अब पर्दा उठने को है।
दरअसल, यह मामला अब सिर्फ एक पारिवारिक या राजनैतिक कहानी नहीं रह गया है, बल्कि इसे अब ‘एपस्टीन फाइल’ के काले पन्नों से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मामले के तार किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं, इसमें अमेरिकी हिंदू कारोबारी शलभ कुमार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनके रणनीतिकार स्टीव बैनन और दुनिया के सबसे विवादित कारोबारी जेफ्री एपस्टीन जैसे रसूखदार नाम एक ही फ्रेम में नजर आ रहे हैं। सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ राजनीति थी, या सत्ता और ग्लैमर के पीछे छिपा कोई गहरा सिंडिकेट?
शलभ कुमार और स्टीव बैनन की दोस्ती
मामले की जड़ें तब गहरी हुईं जब शलभ कुमार और स्टीव बैनन की करीबी दोस्ती दुनिया के सामने आई। बैनन, जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप का मास्टरमाइंड और व्हाइट हाउस का मुख्य रणनीतिकार कहा जाता था, उनकी एंट्री शलभ कुमार के संगठन रिपब्लिकन हिंदू कोलिशन (RHC) में हुई। शलभ ने बैनन को न केवल अपना करीबी बनाया, बल्कि उन्हें संगठन का वाइस चेयरमैन तक नियुक्त कर दिया। यह पहली बार था जब अमेरिकी राजनीति का इतना बड़ा और विवादित चेहरा किसी भारतीय संगठन में इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहा था।
मनस्वी ममगई को बनाया “बेटी”
हैरानी की बात यह है कि जैसे ही ट्रंप ने सत्ता संभाली और स्टीव बैनन का दबदबा बढ़ा, मनस्वी का रुख भारत की तरफ हो गया। भारत आते ही वह रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नामों, जैसे शाहरुख खान और अजय देवगन के साथ नजर आने लगीं। लेकिन सवाल तब उठा जब शलभ कुमार की सगी बेटी ने इस ‘बेटी’ वाले दावे को ही सिरे से नकार दिया। आखिर शलभ कुमार ने अपने बच्चों से दूर होकर मनस्वी को ही अपना चेहरा क्यों बनाया? और स्टीव बैनन के साथ उनकी मुलाकातों के पीछे का असली एजेंडा क्या था?
भारत आने के बाद क्यों चर्चा में आई मनस्वी
भारत आने के बाद मनस्वी कई फिल्मी और सामाजिक कार्यक्रमों में नजर आईं। वे सुपरस्टार शाहरुख खान, अभिनेत्री तमन्ना भाटिया जैसे कलाकारों के साथ दिखीं। इसके अलावा वह पहले ही अभिनेता अजय देवगन के साथ फिल्म Action Jackson में काम कर चुकी थीं। उत्तराखंड और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में राजनीतिक व सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी भी चर्चा में रही।
मनस्वी उनकी बहन नहीं
बाद में विवाद तब बढ़ा जब शलभ कुमार की असली बेटी ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि मनस्वी उनकी बहन नहीं हैं और शलभ कुमार अपने बच्चों से लंबे समय से दूर रहते हैं। इसके बाद सवाल उठने लगे कि आखिर मनस्वी को बेटी बताने का कारण क्या था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कई सवाल चर्चा में हैं। शलभ कुमार ने मनस्वी को बेटी क्यों बताया? ट्रंप के सत्ता में आने और मनस्वी के भारत आने की टाइमिंग एक जैसी क्यों दिखती है? मनस्वी और स्टीव बैनन के बीच रिश्ते की असल प्रकृति क्या है? कुछ समय बाद मनस्वी का अमेरिका लौटना किन कारणों से हुआ? फिलहाल यह मामला आरोप-प्रत्यारोप और सवालों के घेरे में है। कई दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में इस पर बहस जारी है।





























