Anil Agarwal Emotional Post: देश के दिग्गज उद्योगपतियों में शुमार और वेदांता समूह के चेयरमैन Anil Agarwal ने अपनी शादी की 50वीं सालगिरह पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। इस खास मौके पर उन्होंने अपनी पत्नी किरन को न सिर्फ जीवनसाथी, बल्कि अपनी “सबसे अच्छी दोस्त” बताया। दिल छू लेने वाली इस पोस्ट में उन्होंने अपने इकलौते बेटे अग्निवेश के निधन का दर्द भी साझा किया, जिसे वे अब तक भूल नहीं पाए हैं।
संयोग से उनकी शादी की सालगिरह के अगले ही दिन वेलेंटाइन डे मनाया जाता है। ऐसे में उन्होंने अपनी पत्नी को ‘Happy Valentine’s Day’ भी विश किया और लिखा, “किरन, तुम सिर्फ मेरी जीवनसाथी नहीं, मेरी सबसे अच्छी दोस्त भी हो… मेरी हिम्मत, मेरी ताकत… मेरा सब कुछ।”
बेटे को खोने का दर्द अब भी ताजा (Anil Agarwal Emotional Post)
साल 2026 की शुरुआत उनके परिवार के लिए बेहद कठिन रही। उन्होंने अपने इकलौते बेटे अग्निवेश को खो दिया। अपनी पोस्ट में इस गहरे दुख का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा, “इस साल वक्त ने हमसे कुछ ऐसा छीन लिया, जिसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती… हमारा प्यारा बेटा।”
पचास साल का साथ हो गया मेरा और किरन का, और इतने सालों में ज़िंदगी ने हमें हर रंग दिखाया, कभी धूप तो कभी छाँव।
शादी के पहले बीस साल हम अलग-अलग शहरों में रहे थे, हमारा रिश्ता वैसा था जिसे आज के दौर में youngsters “long-distance relationship” कहते हैं।
उस ज़माने में ना वीडियो कॉल… pic.twitter.com/PBE8TvuiUd
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) February 13, 2026
उन्होंने आगे लिखा कि बच्चे को खोने से बड़ा कोई दर्द नहीं होता। “टूटे दिलों के साथ हम धीरे-धीरे खुद को संभालने की कोशिश कर रहे हैं,” उन्होंने कहा। पोस्ट से साफ झलकता है कि परिवार इस अपूरणीय क्षति से उबरने की कोशिश में है, लेकिन यादें अब भी ताजा हैं।
पचास साल का साथ, जैसे लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप
अपनी शादी के शुरुआती दिनों को याद करते हुए अनिल अग्रवाल ने बताया कि पहले 20 साल तक वे और किरन अलग-अलग शहरों में रहे। उन्होंने इसे आज की भाषा में “लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप” जैसा बताया।
उन्होंने लिखा, “उस दौर में न वीडियो कॉल थे, न इंस्टेंट मैसेजिंग। कभी-कभी तो महीनों तक मुलाकात नहीं हो पाती थी।” उस समय की चुनौतियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दूरी के बावजूद दोनों ने रिश्ते की मजबूती बनाए रखी।
जब किरन अकेली मुंबई आईं
अपनी पोस्ट में उन्होंने एक खास याद साझा की। उन्होंने लिखा, “मुझे आज भी याद है जब किरन एक बार अकेली मुंबई आई थी। एक हाथ में सूटकेस और दूसरे हाथ में एक साल का अग्निवेश। सिर्फ इसलिए कि हम थोड़ा वक्त साथ बिता सकें।”
यह किस्सा उनके रिश्ते की गहराई और समर्पण को दिखाता है। संघर्ष के दिनों में भी दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
“मेरी पत्नी, मेरी दोस्त, मेरी ताकत”
अपनी पोस्ट के अंत में अनिल अग्रवाल ने पत्नी किरन के प्रति आभार जताया। उन्होंने लिखा, “जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियां हों या बड़े से बड़ा गम, इन पचास सालों में हमने हमेशा एक-दूसरे का हाथ थामे रखा। मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने किरन को मेरी जिंदगी में भेजा।”
उन्होंने आगे लिखा, “किरन, तुम सिर्फ मेरी जीवनसाथी ही नहीं, मेरी सबसे अच्छी दोस्त भी हो… मेरी हिम्मत, मेरी ताकत… मेरा सब कुछ।”































