Russia WhatsApp Ban News: रूस में डिजिटल दुनिया का नक्शा तेजी से बदल रहा है। पुतिन सरकार ने मेटा प्लेटफॉर्म्स के मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप को देश में ब्लॉक कर दिया है। सरकार का कहना है कि कंपनी ने बार-बार चेतावनी के बावजूद रूसी कानूनों का पालन नहीं किया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए साफ कहा कि नियमों को नजरअंदाज करने की कीमत चुकानी ही पड़ती है, इसलिए यह कदम जरूरी था।
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क्यों लिया गया इतना सख्त फैसला?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पिछले करीब छह महीनों से व्हाट्सएप पर दबाव बढ़ रहा था। खासकर मौजूदा युद्ध जैसे हालातों के बीच रूस अपने घरेलू संचार सिस्टम को मजबूत करना चाहता है। सरकार का रुख साफ है जो भी विदेशी कंपनी रूस में काम करना चाहती है, उसे स्थानीय कानून मानने होंगे।
व्हाट्सएप पर तीन बड़े आरोप लगाए गए हैं। पहला, कंपनी ने रूस में अपना लोकल ऑफिस नहीं खोला, जबकि यह कानूनी शर्त थी। दूसरा, आतंकवाद और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियों के साथ जरूरी जानकारी साझा नहीं की। तीसरा, अदालतों द्वारा प्रतिबंधित घोषित कंटेंट को हटाने के आदेशों की अनदेखी की गई। इन बातों को आधार बनाकर सरकार ने आखिरकार ऐप को ब्लॉक करने का फैसला लिया।
MAX मैसेंजर को आगे बढ़ाने की तैयारी | Russia WhatsApp Ban News
व्हाट्सएप पर रोक के बाद अब सरकार MAX नाम के मैसेंजर ऐप को प्रमोट कर रही है। यह ऐप रूसी सरकार के समर्थन से तैयार किया गया है। दावा किया जा रहा है कि इसे आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है और यह पूरी तरह देश के नियमों के मुताबिक काम करता है।
हालांकि, विपक्षी आवाजें इस पर सवाल उठा रही हैं। आलोचकों का कहना है कि MAX असल में एक निगरानी टूल बन सकता है, जिससे सरकार लोगों की बातचीत पर नजर रख सकेगी। लेकिन रूसी अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह सिर्फ सुरक्षित और भरोसेमंद घरेलू विकल्प देने की कोशिश है।
व्हाट्सएप की तीखी प्रतिक्रिया
व्हाट्सएप ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। कंपनी का कहना है कि रूसी सरकार उसे पूरी तरह बंद करना चाहती है ताकि लोग सरकारी निगरानी वाले ऐप का इस्तेमाल करें। व्हाट्सएप के मुताबिक, यह फैसला 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को निजी और सुरक्षित बातचीत से दूर कर देगा। कंपनी ने इसे डिजिटल स्वतंत्रता के लिए एक बड़ा झटका बताया है।
10 करोड़ यूजर्स प्रभावित
रूस में व्हाट्सएप के करीब 10 करोड़ यूजर्स हैं। बैन के बाद अब सामान्य तरीके से ऐप का इस्तेमाल संभव नहीं है। नेशनल रजिस्टर से इसके डोमेन हटा दिए गए हैं, जिसके कारण यह सीधे इंटरनेट पर काम नहीं कर रहा। फिलहाल कुछ लोग VPN के जरिए इसे एक्सेस कर रहे हैं, लेकिन यह तरीका हर किसी के लिए आसान या सुरक्षित नहीं माना जाता।
पहले भी लग चुकी हैं पाबंदियां
यह फैसला अचानक नहीं आया। अगस्त 2025 में भी व्हाट्सएप समेत कई मैसेंजर सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए थे। उस समय यूजर्स कॉल पूरी नहीं कर पा रहे थे। अधिकारियों का आरोप था कि विदेशी प्लेटफॉर्म आतंकवाद और धोखाधड़ी के मामलों में जांच एजेंसियों को सहयोग नहीं देते।
रूसी अदालतें पहले भी प्रतिबंधित सामग्री न हटाने के आरोप में व्हाट्सएप पर कई बार जुर्माना लगा चुकी हैं। दिसंबर में संघीय कार्यकारी एजेंसी रोसकोम्नाडजोर ने संकेत दिया था कि व्हाट्सएप पर चरणबद्ध तरीके से और सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।




























