Trending

Car Insurance: कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? अधूरा बीमा यानी एक्सीडेंट के बाद भारी नुकसान

Shikha Mishra | Nedrick News

Published: 12 Feb 2026, 10:02 AM | Updated: 12 Feb 2026, 10:02 AM

Car Insurance: हर महीने देश की सड़कों पर हजारों एक्सीडेंट होते हैं। इनमें बड़ी तादाद कारों की भी होती है। किसी भी कार मालिक के लिए एक्सीडेंट की खबर जितनी परेशान करने वाली होती है, उससे कहीं ज्यादा झटका तब लगता है जब उसे कार की मरम्मत का सारा खर्च अपनी जेब से भरना पड़ता है और वजह होती है इंश्योरेंस न होना या अधूरा कवर लेना।

और पढ़ें: Suzuki to Invest in India: 70,000 करोड़ की इनवेस्टमेंट से भारत में मचाएगी सुजुकी नई धूम, PM मोदी ने दिखाई ई-विटारा को हरी झंडी

दरअसल, कार खरीदने के बाद इंश्योरेंस लेना सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं है, बल्कि यह आपकी आर्थिक सुरक्षा की एक मजबूत परत है। चलिए जानते हैं क्यों जरूरी है कार इंश्योरेंस और कैसे इसके साथ मिलने वाले एड-ऑन कवर्स आपको कई तरह की मुसीबतों से बचा सकते हैं।

क्यों जरूरी है कार का इंश्योरेंस? Car Insurance

मान लीजिए आपकी कार चोरी हो गई, या किसी एक्सीडेंट में बुरी तरह डैमेज हो गई। या फिर बाढ़, तूफान या आग जैसी कोई प्राकृतिक आपदा आई और आपकी गाड़ी बर्बाद हो गई। इन सभी हालातों में कार इंश्योरेंस ही वो सहारा बनता है जिससे आपकी जेब पर बड़ा बोझ नहीं पड़ता।

इसके अलावा भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार इंश्योरेंस होना अनिवार्य है। अगर आपकी गाड़ी बिना वैध इंश्योरेंस के पकड़ी जाती है, तो पुलिस द्वारा चालान, जुर्माना या यहां तक कि लाइसेंस सस्पेंड भी हो सकता है।

और पढ़े: Old Car Selling Tips: RC ट्रांसफर में लापरवाही पड़ सकती है भारी, पुरानी गाड़ी बेचते समय रखें इन बातों का ख्याल

कौन-कौन से होते हैं कार इंश्योरेंस?

भारत में आमतौर पर दो तरह के इंश्योरेंस उपलब्ध हैं:

  1. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (Third Party Insurance) : यह सबसे बेसिक और कानूनी रूप से जरूरी इंश्योरेंस होता है। इससे आपकी कार अगर किसी और की प्रॉपर्टी या जान को नुकसान पहुंचाती है, तो उसकी भरपाई की जाती है। लेकिन इससे आपकी खुद की गाड़ी को हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती।
  2. कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस (Comprehensive Insurance): यह इंश्योरेंस पैकेज आपकी गाड़ी को एक्सीडेंट, चोरी, प्राकृतिक आपदा जैसी तमाम स्थितियों से सुरक्षा देता है। इसमें थर्ड पार्टी कवर भी शामिल होता है।

एड-ऑन कवर: छोटे खर्च, बड़े फायदे

अगर आप चाहते हैं कि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी हर छोटी-बड़ी मुसीबत में आपके काम आए, तो एड-ऑन कवर्स लेना बेहद फायदेमंद हो सकता है। ये कुछ एक्स्ट्रा पैसे में बहुत सारा कवर ऑफर करते हैं।

कुछ पॉपुलर एड-ऑन कवर्स में शामिल हैं:

  • जीरो डेप्रिसिएशन कवर (Zero Dep): कार को डैमेज होने पर क्लेम के वक्त पार्ट्स की कीमत में कटौती नहीं होती, पूरा कवर मिलता है।
  • इंजन प्रोटेक्शन: अगर इंजन में पानी भर जाए या कोई तकनीकी खराबी हो जाए, तो इसका खर्च भी कवर होता है।
  • रोड साइड असिस्टेंस: रास्ते में कार खराब हो गई? कंपनी खुद मदद भेजेगी।
  • की रिप्लेसमेंट: चाबी खो जाए, तो नई बनवाने का खर्च इंश्योरेंस कंपनी देगी।
  • एनसीबी प्रोटेक्शन: अगर आपने क्लेम नहीं लिया, तो अगली बार प्रीमियम में मिलने वाली छूट (No Claim Bonus) को सुरक्षित रखने का ऑप्शन।

इसलिए कार इंश्योरेंस लेना सिर्फ एक और खर्च नहीं है, बल्कि ये आपकी कार के साथ-साथ आपकी शांति और सुरक्षा की भी गारंटी है। थोड़ा सा एक्स्ट्रा खर्च कर के सही एड-ऑन कवर्स चुनना भविष्य में बड़ी परेशानियों से आपको बचा सकता है।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds